राहुल गांधी FIR: दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति आकाशवाणी भवन में घुसने पर राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ केस दर्ज किया। 8 घंटे चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, करीब 260 लोग लिए गए थे हिरासत में
नई दिल्ली। राहुल गांधी FIR के मामले में दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि वे बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में घुसे। मंगलवार को INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान यह घटना हुई थी।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थकों और साथ मौजूद अन्य सांसदों के बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है।
निर्वाचन सदन जाने से रोका, आकाशवाणी भवन में बैठे धरने पर
मंगलवार को राहुल गांधी INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ निर्वाचन सदन जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद वे निर्वाचन सदन के बगल में स्थित आकाशवाणी भवन में दाखिल हो गए और वहां आठ घंटे से ज्यादा समय तक धरने पर बैठे रहे। प्रियंका गांधी भी उनके साथ थीं।
हिरासत के दौरान धक्का-मुक्की
पुलिस के बार-बार कहने के बावजूद जब नेता नहीं हटे, तो राहुल और प्रियंका समेत करीब 260 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान जमकर संघर्ष हुआ। प्रियंका गांधी एक बार पुलिस की वैन से उतर गईं, जबकि राहुल गांधी ने बस की खिड़की से निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। सभी को किंग्सवे कैंप ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया।
मार्च की अनुमति नहीं थी: पुलिस
दिल्ली पुलिस के अनुसार, INDIA गठबंधन के दलों ने संसद भवन से निर्वाचन आयोग तक मार्च की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि इसके लिए नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में न तो कोई आवेदन दिया गया था और न ही अनुमति दी गई थी।
यह भी पढ़ें: Harmanpreet Kaur ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया
किस मुद्दे पर था प्रदर्शन
विपक्षी सांसद मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका विरोध मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी था। विपक्ष “वोट चोरी” का मुद्दा भी उठा रहा है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा
बाद में जारी बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि मंगलवार शाम 4 बजे तक किसी भी दल ने उनसे मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक, ऐसी मुलाकातों की एक तय प्रक्रिया है, जिसके तहत राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधियों के जरिए समय मांग सकते हैं।