Meerut Fake Currency Scam: हिस्ट्रीशीटर संग नकली नोट गैंग चलाने वाले दो सिपाही गिरफ्तार, सस्पेंड

Meerut Fake Currency Scam: मेरठ में हिस्ट्रीशीटर साजिद के साथ मिलकर नकली नोट गैंग चलाने के आरोप में दो सिपाही सस्पेंड और गिरफ्तार। 112 पर व्यापारी की कॉल से खुला पूरा खेल।

Meerut Fake Currency Scam

मेरठ। मेरठ में 2025 बैच के दो सिपाहियों पर वर्दी की आड़ में ठगी का “बड़ा खेल” खेलने का आरोप है। मेरठ के सिपाही नकली नोट गैंग से जुड़े इस मामले में सिपाही आशीष और प्रश्नचित आनंद को हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल और उसके साथियों के साथ केस में नामजद कर गिरफ्तार किया गया है। दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है।

मई 2026 में पहली पोस्टिंग, 5 महीने में अपराधियों से साठगांठ

आशीष और प्रश्नचित को मई 2026 में पहली बार थाने में तैनाती मिली थी। आरोप है कि नौकरी के सिर्फ 5 महीनों में वे हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल के लिए काम करने लगे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक साजिद इलाके में हर वारदात के बदले दोनों सिपाहियों को 8-8 हजार रुपये देता था। तीन वारदातों में रिश्वत लेने के बाद दोनों ने कार खरीदने का सपना देखा और “बड़े गेम” की योजना बनाई।

Meerut Fake Currency Scam: ऐसे बिछाया गया व्यापारी के लिए जाल

योजना के तहत साजिद ने नकली नोट चलाने वाला गिरोह खड़ा किया। व्यापारी इरशाद से 50 हजार रुपये के बदले डेढ़ लाख रुपये के नकली नोट देने की डील तय हुई।

असल में यह व्यापारी को ठगने का जाल था:

  • साजिद ने पहले इरशाद को नकली बताकर 500-500 के असली नोट दिए।
  • इरशाद ने उन्हें नकली समझकर बाजार में चलाया, और नोट असली होने के कारण आसानी से चल गए।
  • भरोसा जमने के बाद साजिद और उसके 2 साथी डेढ़ लाख रुपये की कीमत की 37 गड्डियां लेकर पहुंचे।
  • इन गड्डियों में केवल ऊपर और नीचे असली नोट थे, बीच में कागज के टुकड़े भरे थे।

गड्डियां हाथ में आते ही सिपाहियों का “छापा”

प्लान के मुताबिक, गड्डियां व्यापारी के हाथ में पहुंचते ही दोनों सिपाही मौके पर पहुंचे और छापा मारने का नाटक किया। दो बदमाश भाग निकले, जबकि साजिद पकड़ा गया। सिपाही उसे बाइक पर बिठाकर ले गए।

112 पर एक कॉल ने बिगाड़ा पूरा खेल

सिपाहियों की योजना पर व्यापारी इरशाद ने पानी फेर दिया। उसने 112 पर कॉल कर पूरी घटना बता दी। 112 की टीम ने तुरंत पहुंचकर दोनों सिपाहियों का पीछा किया और उन्हें साजिद के साथ थाने ले आई।

थाने में सिपाही ने खुद खोल दी पोल

थाने में सिपाहियों ने दावा किया कि उन्होंने “गुडवर्क” करते हुए नकली नोट गिरोह को पकड़ा है। लेकिन मौके से भागे फैजान का फोन साजिद के पास था, जो थाने के एक कांस्टेबल ने अपने पास रखा हुआ था।

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इसी दौरान सिपाही प्रश्नचित ने उस फोन पर कॉल कर कहा, “गांव से भाग जाओ, पुलिस पीछे लगी है।” कांस्टेबल ने नंबर जांचा तो वह प्रश्नचित का निकला। इसके बाद पूरा खेल उजागर हो गया।

केस में नामजद, फोटो-वीडियो जारी नहीं

दोनों सिपाहियों को केस में नामजद कर बदमाशों के साथ गिरफ्तार किया गया और सस्पेंड कर दिया गया। सिपाहियों की हरकत से शर्मसार अफसरों ने अपराधियों के साथ सिपाहियों की फोटो और वीडियो भी जारी नहीं किए हैं।

दोनों सिपाही निलंबित, विभागीय जांच के आदेश

पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मौके से 25 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। आरोप है कि इन रुपयों के बदले व्यापारी को तीन गुना यानी करीब 75 हजार रुपये के नकली नोट सौंपे जाने थे। मामले का खुलासा होने के बाद एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने दोनों आरोपी सिपाहियों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

गिरोह जेल भेजा गया, पहले भी जा चुके हैं जेल

भावनपुर पुलिस ने मंगलवार शाम गिरोह के सदस्यों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी देहात के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में से दो वर्ष 2022 में भी इसी तरह की वारदात में जेल जा चुके हैं। उस समय वे खुद नकली पुलिस बनकर ठगी करते थे, लेकिन इस बार उन्होंने असली सिपाहियों को अपने साथ मिला लिया। दोनों सिपाहियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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