पंजाब: गुलजार सिंह और परविंदर झोटा के परिवारों को मिलेगी X कैटेगरी की सुरक्षा, केंद्र ने दी मंजूरी

Gulzar Singh and Parvinder Jhota के परिवारों को X कैटेगरी सुरक्षा मिलेगी। गृह मंत्रालय ने मंजूरी दी, 30 अक्टूबर को सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की उम्मीद।

Gulzar Singh and Parvinder Jhota के परिवारों को X कैटेगरी सुरक्षा मिलेगी।

चंडीगढ़: पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवारों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दोनों परिवारों को X कैटेगरी की सुरक्षा देने की मंजूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा में तैनात कर्मचारी 30 अक्टूबर की दोपहर तक परिवारों के पास पहुंच सकते हैं।

दोनों मामलों को लेकर पंजाब में पहले से ही चर्चा बनी हुई है। गुलजार सिंह की मौत उस समय हुई थी, जब उन्होंने पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा के सामने एक बैठक में नशे की समस्या को लेकर चिंता जताई थी। इसके अगले दिन उनका शव मिला था। वहीं, नशे के खिलाफ सक्रिय परविंदर सिंह झोटा की मानसा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इन घटनाओं के बाद दोनों परिवारों की सुरक्षा का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया था। अब केंद्र की ओर से सुरक्षा मंजूर किए जाने के बाद उन्हें सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का इंतजार है।

गुलजार सिंह और झोटा के परिवारों को X कैटेगरी सुरक्षा

गृह मंत्रालय की ओर से दोनों परिवारों के लिए X कैटेगरी की सुरक्षा को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस फैसले के तहत सुरक्षा कर्मियों को परिवारों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा कर्मचारी 30 अक्टूबर की दोपहर तक संबंधित परिवारों के पास पहुंच सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या, उनकी तैनाती की विस्तृत व्यवस्था और सुरक्षा का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

क्या हैं गुलजार सिंह और परविंदर झोटा के मामले?

मंत्री हरपाल चीमा के सामने उठाया था नशे का मुद्दा

गुलजार सिंह ने पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा के सामने आयोजित एक बैठक में नशे की लत से जुड़ी समस्याओं को उठाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के अगले दिन उनका शव मिला था।

इस घटना ने कई सवाल खड़े किए थे। गुलजार सिंह की मौत के हालात को लेकर केंद्र सरकार ने भी जानकारी मांगी थी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनकी मौत के कारणों या जांच की अंतिम स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

मानसा में दिनदहाड़े हुई थी परविंदर झोटा की हत्या

परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ता थे। उनकी मानसा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस घटना के बाद उनके परिवार को सुरक्षा दिए जाने की मांग और उनकी सुरक्षा का मुद्दा अहम हो गया। अब केंद्र सरकार की ओर से X कैटेगरी सुरक्षा को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

अमित शाह ने परिवारों को न्याय का भरोसा दिया था

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। अपनी पिछली पंजाब यात्रा के दौरान उन्होंने गुलजार सिंह और परविंदर झोटा के परिवारों से भी मुलाकात की थी।

अमित शाह ने परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से इन घटनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी मांगी।

तीन मामलों पर पंजाब सरकार से मांगा गया था जवाब

गृह मंत्रालय ने पंजाब के मुख्य सचिव से तीन लोगों की मौत से जुड़े हालात की जानकारी मांगी थी। इनमें गुलजार सिंह, परविंदर सिंह झोटा और गुरदासपुर के बिक्रमजीत सिंह का मामला शामिल है।

मंत्रालय ने इन तीनों घटनाओं की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मांगी थी, ताकि संबंधित मामलों से जुड़े तथ्यों को समझा जा सके।

इससे पहले अमित शाह ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं को सुना था। अब दोनों परिवारों को X कैटेगरी सुरक्षा देने की मंजूरी इस मामले में केंद्र की ओर से उठाया गया एक और कदम है।

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सुरक्षा तैनाती पर परिवारों की नजर

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कब और किस व्यवस्था के तहत होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों के 30 अक्टूबर की दोपहर तक परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।

गुलजार सिंह और परविंदर झोटा के परिवारों को सुरक्षा देने का फैसला पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को फिर चर्चा में ले आया है। अब परिवारों को सुरक्षा व्यवस्था लागू होने और संबंधित मामलों में न्याय मिलने का इंतजार है।

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