चंडीगढ़ कैब सस्पेंशन: जब ऐप पर बुकिंग हो रही है, तो निलंबन का क्या फायदा? जानिए इसके पीछे का पूरा सच

चंडीगढ़ कैब सस्पेंशन: चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला यानी ट्राइसिटी में कैब सेवाओं को लेकर इन दिनों बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। चंडीगढ़ में Uber, Ola, Rapido और inDrive को 6 महीने के लिए निलंबित किया गया है। इसके बावजूद मोबाइल ऐप खोलने पर यात्रियों को राइड बुक करने का विकल्प मिल रहा है।

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर ऐप पर बुकिंग जारी है, तो निलंबन का असर आखिर कैसे होगा? क्या यह सिर्फ कागजी कार्रवाई है या प्रशासन ने इसके लिए जमीनी स्तर पर भी व्यवस्था की है?

इस पूरे मामले को समझने के लिए निलंबन, ऐप की तकनीकी व्यवस्था और प्रशासन की कार्रवाई को अलग-अलग देखना जरूरी है।

निलंबन के बाद भी ऐप पर बुकिंग क्यों हो रही है?

इसका एक बड़ा कारण यह है कि प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद इन ऐप्स को तकनीकी तौर पर चंडीगढ़ में जियो-ब्लॉक नहीं किया गया है। यानी मोबाइल ऐप अभी भी काम कर रहे हैं और उनका सिस्टम राइड बुकिंग स्वीकार कर रहा है।

इसके अलावा ट्राइसिटी की भौगोलिक स्थिति भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। मोहाली पंजाब और पंचकूला हरियाणा में आते हैं, जहां इन सेवाओं पर चंडीगढ़ जैसा निलंबन लागू नहीं है। ऐसे में वहां से चलने वाली कैब चंडीगढ़ की सीमा में आने के बाद भी ऐप पर सक्रिय दिखाई दे सकती है।

कई ड्राइवरों के मोबाइल में एक से ज्यादा कैब ऐप मौजूद रहते हैं। आम तौर पर उन्हें जहां से बुकिंग मिलती है, वे उसी प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं। ऐसे में एक ऐप पर रोक लगने के बाद दूसरे ऐप पर जाने का विकल्प रहता है।

चारों प्रमुख ऐप एक साथ निलंबित

प्रशासन ने इस बार Ola, Uber, inDrive और Rapido को एक साथ निलंबित किया है। इसका सीधा असर ड्राइवरों के लिए उपलब्ध ऐप विकल्पों पर पड़ता है।

अगर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई होती, तो ड्राइवर दूसरे ऐप का इस्तेमाल कर सकते थे। लेकिन चार प्रमुख ऐप एक साथ निलंबित होने के बाद ऐप बदलकर काम जारी रखने का विकल्प सीमित हो जाता है।

इस स्थिति में Bharat Taxi को सहकारी ऑपरेटर के तौर पर उपलब्ध एकमात्र लीगल ऐप बताया गया है।

AI कैमरे और VAHAN डेटाबेस से निगरानी

प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ ऐप तक सीमित नहीं बताई गई है। चंडीगढ़ में लगे 2,000 से ज्यादा हाई-टेक AI कैमरों और वाहन संबंधी डेटाबेस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

कैब कंपनियों के पंजीकृत ड्राइवरों और वाहनों के नंबरों की जानकारी लेकर उन्हें ट्रैफिक पुलिस के केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज किया गया है।

इसके बाद सड़क पर लगे ANPR यानी Automatic Number Plate Recognition कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ई-चालान की कार्रवाई की जा सकती है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसे मामलों में ₹10,000 तक का ई-चालान भेजा जा सकता है। बार-बार कार्रवाई होने की स्थिति में वाहन को RTO पोर्टल पर ब्लॉक करने की बात भी सामने आई है।

डमी बुकिंग के जरिए पकड़ने की तैयारी

सिर्फ कैमरों के भरोसे यह पता लगाना मुश्किल है कि कोई कमर्शियल वाहन यात्री लेकर चल रहा है या निजी काम से। इसी वजह से STA यानी State Transport Authority के अधिकारी आम यात्री बनकर ऐप के जरिए राइड बुक कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: सत्य निकेतन हादसे से बड़ा सवाल: क्या दिल्ली भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बन रही है?

कैब बुकिंग की लोकेशन पर पहुंचने के बाद अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह वाहन को मौके पर ही पकड़ने और सीज़ करने की कार्रवाई की जा सकती है।

बीमा को लेकर भी बढ़ सकता है जोखिम

निलंबन के दौरान प्रतिबंधित ऐप के जरिए चलने वाली राइड को लेकर बीमा संबंधी जोखिम भी महत्वपूर्ण है।

अगर ऐसी स्थिति में यात्रा के दौरान दुर्घटना होती है, तो वैध परमिट और संचालन की स्थिति को लेकर बीमा क्लेम पर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

यात्रियों और ड्राइवरों के लिए क्या है संदेश?

ऐप पर बुकिंग का विकल्प दिखाई देना यह जरूरी नहीं है कि उस सेवा का चंडीगढ़ में संचालन भी अधिकृत हो। तकनीकी रूप से ऐप उपलब्ध रहने और प्रशासनिक अनुमति के बीच अंतर हो सकता है।

यात्रियों के लिए सलाह यही है कि निलंबित सेवाओं के बजाय अधिकृत लोकल टैक्सी या सरकारी परिवहन सेवा (CTU) का इस्तेमाल करें। वहीं ड्राइवरों के लिए भी निलंबन के दौरान नियमों का पालन करना जरूरी है, क्योंकि सड़क पर जांच और कार्रवाई की व्यवस्था अलग-अलग स्तर पर की जा सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऐप पर दिखाई दे रही बुकिंग और जमीन पर लागू निलंबन के बीच यह अंतर कब और कैसे खत्म होगा। प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई से आने वाले दिनों में इसकी तस्वीर और साफ हो सकती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top