बरेली में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ जुटने से स्थिति बिगड़ गई। गर्मी और उमस के बीच बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं की तबीयत खराब होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के दबाव के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई।
यह कार्यक्रम बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम की ओर से आयोजित किया गया था। बताया गया कि कार्यक्रम में करीब 20 हजार महिलाएं पहुंची थीं।
भीड़ में दबने से मधु नाम की महिला की मौत
भीड़ के बीच दबने से मधु नाम की एक महिला की मौत हो गई। मधु बरेली के एक इलाके के बीजेपी मंडल अध्यक्ष की मामी बताई गई हैं। इस घटना में मंडल अध्यक्ष की मां भी भीड़ में फंस गई थीं और दबने की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि, उन्हें किसी तरह वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गर्मी और उमस के कारण कई महिलाओं की बिगड़ी तबीयत
कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ के बीच गर्मी और उमस ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं के एक साथ मौजूद होने के कारण कई महिलाओं की तबीयत खराब होने की बात सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के दबाव के दौरान अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई और कुछ महिलाएं बीच में फंस गईं।
कूपन देकर महिलाओं को बुलाया गया था
जानकारी के अनुसार, बरेली रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिलाओं को कूपन के माध्यम से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में अनुमान से कहीं अधिक संख्या में महिलाओं के पहुंचने से भीड़ काफी बढ़ गई। आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम पहले से नहीं किए गए थे।
डॉ. उमेश गौतम लगातार दो बार से हैं बरेली के मेयर
डॉ. उमेश गौतम लगातार दो बार से बरेली के मेयर हैं। यह रक्षाबंधन कार्यक्रम उनकी ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 20 हजार महिलाओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई।
यह भी पढ़ें: बिहार में BPSC TRE-4 को लेकर बड़ा फैसला, अब एक ही चरण में होगी परीक्षा; छात्रों की 10 मांगों पर बनी सहमति
आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी उनका नाम चर्चा में है और उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव बताया जा रहा है।
बरेली रक्षाबंधन कार्यक्रम में सामने आई भीड़ प्रबंधन की चुनौती
रक्षाबंधन के इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने के बाद भीड़ को संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया। गर्मी, उमस और भीड़ के दबाव के कारण हालात बिगड़े और मधु नाम की महिला की जान चली गई। घटना ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।