मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बुधवार सुबह से बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई। आवास विकास परिषद के अधिकारी भारी पुलिस बल और RAF की मौजूदगी में इलाके में पहुंचे और सेंट्रल मार्केट को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर घरों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब आवास विकास परिषद को 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना है। परिषद को बताना है कि पिछली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब तक जमीन पर क्या कार्रवाई की गई है।
सेंट्रल मार्केट में सुबह से चल रहा बुलडोजर
सुबह से ही सेंट्रल मार्केट में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और RAF के जवान तैनात हैं।
इलाके में बुलडोजर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इस दौरान किसी स्थान पर घर तो कहीं दुकान को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रही कार्रवाई
सेंट्रल मार्केट से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने यहां मौजूद अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे।
शास्त्री नगर आवासीय योजना के तहत विकसित इस इलाके में पिछले करीब 20 वर्षों के दौरान रिहायशी प्लॉटों पर बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शोरूम बनाए जाने की बात सामने आई थी।
रिहायशी प्लॉटों पर व्यावसायिक गतिविधियों का मामला
मामले में लैंडयूज़ के उल्लंघन का भी मुद्दा है। रिहायशी प्लॉटों पर बने कुछ मकानों में दुकानें संचालित किए जाने की बात भी सामने आई है।
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सुप्रीम कोर्ट ने 44 से ज्यादा कमर्शियल इमारतों को गिराने के आदेश दिए हैं। वहीं, घरों को स्वीकृत नक्शे के अनुसार जरूरी सेटबैक के साथ किए जाने की कार्रवाई भी आदेश का हिस्सा है।
21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में देना है जवाब
आवास विकास परिषद के सामने अब 21 सितंबर की तारीख अहम है। परिषद को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी देनी है कि पिछली सुनवाई के बाद से आदेश के अनुपालन में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
फिलहाल सेंट्रल मार्केट में चल रही कार्रवाई इसी प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।