एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित को मिली IAF Chief की कमान

एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर को IAF Chief का पद संभालेंगे। जानें उनका सैन्य करियर, 3,500 घंटे की उड़ान और प्रमुख जिम्मेदारियां।

एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित को मिली IAF Chief की कमान

केंद्र सरकार ने एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। मौजूदा समय में वह वायुसेना के वाइस चीफ के पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एयर मार्शल दीक्षित 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना की कमान संभालेंगे। इसी दिन मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सेवानिवृत्त होंगे।

एयर मार्शल दीक्षित का सैन्य करियर करीब चार दशक का रहा है। उन्होंने लड़ाकू विमान उड़ाने के साथ-साथ वायुसेना में कई अहम परिचालन और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह Mirage-2000, MiG के विभिन्न वेरिएंट, Jaguar, Hawk और Tejas जैसे विमानों पर उड़ान का व्यापक अनुभव रखते हैं।

अभी वायुसेना के वाइस चीफ हैं अशुतोष दीक्षित

Air Marshal Ashutosh Dixit वर्तमान में भारतीय वायुसेना के Vice Chief के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह ट्राई-सर्विसेज संगठन के चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

वायुसेना में अपनी सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह IAF की सेंट्रल कमांड की कमान भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में ग्वालियर स्थित एक स्क्वाड्रन की कमान संभाली और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस का नेतृत्व किया।

3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव

एयर मार्शल दीक्षित के पास 3,500 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख लड़ाकू और प्रशिक्षण विमानों पर उड़ान भरी है।

उनके उड़ान अनुभव में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • Mirage-2000
  • MiG के विभिन्न वेरिएंट
  • Jaguar
  • Hawk
  • Tejas

वह Experimental Test Pilot के साथ-साथ Qualified Flying Instructor भी हैं। लंबे परिचालन अनुभव के कारण उनका करियर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू और प्रशिक्षण ढांचे से भी जुड़ा रहा है।

कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन और अभ्यासों में रहे शामिल

करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित ने कई ऑपरेशन और सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया। इनमें Operation Safed Sagar, Operation Rakshak और Operation Sindoor शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एयर मार्शल ने अलग-अलग परिचालन और स्टाफ भूमिकाओं में रहते हुए भारतीय वायुसेना की operational capability को मजबूत करने में योगदान दिया।

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दिसंबर 1986 में लड़ाकू शाखा में हुए थे शामिल

एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था। उन्हें दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना की fighter stream में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने लड़ाकू पायलट के रूप में लंबा करियर बनाया और वायुसेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी सैन्य शिक्षा भी देश और विदेश के प्रमुख संस्थानों से हुई है। वह National Defence Academy, Defence Staff Service College, Bangladesh और National Defence College के पूर्व छात्र हैं।

2026 में मिला परम विशिष्ट सेवा पदक

एयर मार्शल दीक्षित को वर्ष 2026 में Param Vishisht Seva Medal से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी विशिष्ट और उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया। अब 31 अक्टूबर को वह भारतीय वायुसेना के प्रमुख का पद संभालेंगे। मौजूदा IAF Chief Air Chief Marshal AP Singh के सेवानिवृत्त होने के बाद एयर मार्शल दीक्षित नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके सामने करीब चार दशक के सैन्य अनुभव के साथ भारतीय वायुसेना का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी होगी।

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