सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पिछले दिनों एक मेडिकल फंडरेजिंग अपील तेजी से वायरल हुई। शुरुआत में इस अपील को लोगों का समर्थन मिला और कई यूजर्स ने आर्थिक मदद भी की। लेकिन कुछ ही समय बाद मेडिकल दस्तावेजों को लेकर सवाल उठने लगे और मामला विवाद में बदल गया। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में X यूजर Jay Singh Rathore का नाम सामने आया।
राठौर ने दावा किया था कि उनकी 12 साल की छोटी बहन को आंखों से जुड़ी गंभीर समस्या है और उसके इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है। उन्होंने लोगों से छोटी-छोटी रकम, यहां तक कि ₹10 या ₹20 की मदद करने की अपील की थी। करीब एक दिन के भीतर उन्होंने दावा किया कि फंडरेजर में ₹1.5 लाख से ज्यादा रकम जमा हो गई।
हालांकि, इसके बाद इस अपील में इस्तेमाल किए गए मेडिकल दस्तावेजों को लेकर सवाल उठने लगे।
Jay Singh Rathore ने फंडरेजर में क्या दावा किया था?
अब डिलीट हो चुकी मूल पोस्ट में राठौर ने खुद को 16 साल का बताया था और कहा था कि उनकी 12 वर्षीय बहन की आंखों की रोशनी खतरे में है। पोस्ट के साथ इलाज से जुड़े कुछ मेडिकल दस्तावेज भी साझा किए गए थे।
अपील वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसे शेयर किया और आर्थिक मदद की। बाद में राठौर ने पेमेंट से जुड़ी जानकारी हटा दी। उनका कहना था कि परिवार को जरूरत से ज्यादा रकम मिल चुकी है।
यहीं से इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने शुरू हुए।
Shroff Eye Centre ने मेडिकल दस्तावेजों पर क्या कहा?
विवाद उस समय और बढ़ गया जब राठौर की ओर से साझा किए गए मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे। एक डिलीट हो चुकी पोस्ट में उन्होंने दावा किया था कि उनकी बहन का इलाज Shroff Eye Centre में हो रहा है।
इसके बाद अस्पताल की ओर से सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई। अस्पताल ने अपने Instagram Story में कहा कि किसी व्यक्ति ने उसके लेटरहेड का इस्तेमाल करके कथित तौर पर एक फर्जी मरीज रिकॉर्ड, प्रिस्क्रिप्शन और इलाज का अनुमान तैयार किया है।
अस्पताल ने लोगों से ऐसी अपीलों को लेकर सावधान रहने और चेतावनी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने को कहा। अस्पताल के इस बयान के बाद फंडरेजर को लेकर चल रही चर्चा ने बड़ा रूप ले लिया।
X Spaces में राठौर से पूछे गए सवाल
मेडिकल दस्तावेजों को लेकर सवाल बढ़ने के बाद Jay Singh Rathore कई X Spaces में शामिल हुए। इन बातचीत के दौरान यूजर्स ने उनसे फंडरेजर, मेडिकल रिकॉर्ड और परिवार की स्थिति को लेकर सवाल पूछे।
रिपोर्ट के अनुसार, एक Space में राठौर ने कहा कि वास्तव में उनके पिता परिवार के बीमार सदस्य थे और ज्यादा लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने अपनी बहन का नाम इस्तेमाल किया था।
उन्होंने इसे गलती बताया और परिवार की आर्थिक परेशानी का भी जिक्र किया। एक अन्य मौके पर उनके हवाले से यह भी कहा गया कि उन्होंने यह काम “मजाक के लिए” किया था। इन अलग-अलग बयानों के कारण सोशल मीडिया पर विवाद और बढ़ गया।
एक X Space के दौरान राठौर भावुक भी नजर आए और उन्हें लगातार सवालों का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स ने उनसे जमा हुई रकम वापस करने की मांग की।
क्या दान की गई रकम वापस की गई?
राठौर ने कहा कि वह पैसे वापस करेंगे। इसके बाद उन्होंने कुछ भुगतान के स्क्रीनशॉट साझा किए और दावा किया कि कुछ लोगों को रकम लौटाई जा चुकी है।
सोशल मीडिया पर कुछ अन्य यूजर्स ने भी ऐसे स्क्रीनशॉट साझा किए, जिनमें दावा किया गया कि उनके बैंक बैलेंस में ₹1,58,282.58 से घटकर ₹1,37,893.58 रह गया।
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हालांकि, इन स्क्रीनशॉट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। केवल बैंक बैलेंस में कमी दिखाई देना इस बात का पक्का प्रमाण नहीं है कि पूरी रकम संबंधित दानदाताओं को वापस कर दी गई।
X पर क्यों ट्रेंड कर रहा है Jay Singh Rathore?
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हुई क्योंकि एक भावनात्मक मेडिकल मदद की अपील कुछ ही समय में दस्तावेजों और फंडरेजिंग को लेकर विवाद में बदल गई।
इसके बाद लगातार X Spaces हुए, जिनमें राठौर से सवाल पूछे गए। सोशल मीडिया पर इन लंबी चर्चाओं को लेकर मीम्स और टिप्पणियां भी सामने आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इन Spaces को मजाकिया तौर पर “Chai Pe Charcha” तक कहा।
23 सितंबर की देर रात करीब 3:30 बजे हुए एक कथित X Space में राठौर ने कहा कि वह सुबह वापस आकर अपनी मूल पोस्ट और जुटाई गई रकम के बारे में सफाई देंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले में तीन सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—दान की गई रकम का क्या हुआ, Shroff Eye Centre के नाम से बताए गए मेडिकल दस्तावेज किसने तैयार किए और क्या सभी दानदाताओं को उनका पैसा वापस मिलेगा। इन सवालों से जुड़े कई दावे और सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।