शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बलात्कार के आरोपी के खिलाफ न्याय की मांग कर रही पांच महिलाओं को कथित तौर पर परेशान किया गया और शिकायतें वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया।
हरसिमरत कौर बादल के मुताबिक, मामले में आरोपी को पंजाब सरकार की ओर से कथित तौर पर निकलने का रास्ता दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी पर आरोपी को बचाने के लिए ₹5 करोड़ लेने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, ये सभी आरोप हरसिमरत कौर बादल द्वारा लगाए गए हैं। स्रोत में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी नहीं दी गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने उठाया मामला
हरसिमरत कौर बादल ने बताया कि उन्होंने इस मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने उठाया है। उन्होंने आयोग को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ कथित तौर पर उपलब्ध ऑडियो और विजुअल सबूत भी सौंपे हैं। उन्होंने मामले में स्वतंत्र CBI जांच की मांग की है।
पांच महिलाओं ने मांगा था न्याय
हरसिमरत कौर बादल के अनुसार, पांच महिलाओं ने बलात्कार के आरोपी के खिलाफ न्याय की मांग की थी। उनका आरोप है कि पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और न्याय देने के बजाय कथित तौर पर शिकायतें वापस लेने के लिए परेशान किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी को पंजाब से निकलने में मदद मिली।
FIR दर्ज नहीं होने का भी दावा
हरसिमरत कौर बादल ने अपने बयान में दावा किया कि मामले में अभी तक आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ भी FIR दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस मामले को लेकर लोगों में नाराजगी है और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
CBI जांच की मांग
हरसिमरत कौर बादल ने राष्ट्रीय महिला आयोग से मामले में हस्तक्षेप करने और स्वतंत्र CBI जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया है। उन्होंने महिलाओं को न्याय दिलाने और मामले को उचित समाधान तक पहुंचाने की उम्मीद जताई।
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नोट: इस खबर में ₹5 करोड़ लेने, शिकायतें वापस लेने के लिए दबाव बनाने और आरोपी को निकलने में मदद करने जैसे आरोप हरसिमरत कौर बादल के दावों पर आधारित हैं। उपलब्ध स्रोत में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्ष का जवाब शामिल नहीं है।