Girdhari Lal Sahu allegations के बीच रेखा आर्य के पति ने कथित ऑडियो को AI से बना बताया। 210 करोड़ की संपत्ति का दावा कर जांच की मांग की।
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मामला सामने आया है। रेखा आर्य की ओर से जारी किए गए कथित ऑडियो को लेकर साहू ने सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि यह ऑडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर किसी स्वतंत्र जांच का नतीजा सामने नहीं आया है।
इस मामले में गिरधारी लाल साहू ने अपने राजनीतिक और निजी संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेखा आर्य उस समय को भूल गई हैं, जब उन्होंने उनके राजनीतिक सफर में साथ दिया था। साहू ने अपने बयान में पुराने दिनों को याद करते हुए मंत्री पर निशाना साधा और दावा किया कि उन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की थी।
गिरधारी लाल साहू ने पुराने दिनों का किया जिक्र
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्य पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें उन दिनों को नहीं भूलना चाहिए, जब उन्होंने उनके राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साहू ने अपने बयान में कहा, “तुम वो दिन भूल गई कि मैंने तुम्हें कहां से कहां खड़ा किया है। सड़क पर खड़ी महिला को मैंने कहां से कहां पहुंचा दिया।”
उनके इस बयान के बाद दोनों के बीच चल रहे विवाद में व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोपों का पहलू भी सामने आया है। साहू ने दावा किया कि रेखा आर्य से शादी के समय उनके पास केवल दो सलवार-कुर्ते थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले 17 वर्षों से उनके राजनीतिक सफर में साथ देते रहे हैं।
हालांकि, ये बातें गिरधारी लाल साहू की ओर से किए गए दावे हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
कथित ऑडियो को लेकर क्या बोले साहू?
रेखा आर्य की ओर से जारी किए गए कथित ऑडियो पर सफाई देते हुए साहू ने कहा कि इसे AI तकनीक के जरिए बनाया गया है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया और दावा किया कि इस ऑडियो के आधार पर उनके खिलाफ गलत बातें कही जा रही हैं।
आजकल AI तकनीक की मदद से आवाज और दूसरे डिजिटल कंटेंट में बदलाव करना संभव है। हालांकि, किसी खास ऑडियो के असली या कृत्रिम होने का फैसला केवल किसी व्यक्ति के दावे के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए तकनीकी जांच और दूसरे उपलब्ध सबूतों की जरूरत होती है।
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इस मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी स्वतंत्र तकनीकी जांच का परिणाम नहीं दिया गया है, जिससे ऑडियो के AI से तैयार होने या उसकी वास्तविकता की पुष्टि हो सके। इसलिए इस मुद्दे पर साहू के बयान को उनका दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
210 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर लगाए आरोप
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्य पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने करीब 210 करोड़ रुपये की संपत्ति का दावा करते हुए कहा कि वह जल्द ही दस्तावेजों के साथ पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करेंगे।
साहू के मुताबिक, वह संबंधित दस्तावेज सामने रखकर मामले की पूरी जानकारी देंगे। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी अपील की कि मामले की जांच किसी भी जांच एजेंसी से कराई जाए।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति का पूरा विवरण, उसके स्रोत या उससे जुड़े दस्तावेज शामिल नहीं हैं। इसलिए इस राशि और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों को फिलहाल साहू के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दस्तावेजों के साथ खुलासा करने का दावा
साहू ने कहा है कि वह जल्द ही दस्तावेजों के जरिए इस मामले से जुड़ी जानकारी सामने रखेंगे। उनके इस बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह किन दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हैं और उनमें किए गए दावों के समर्थन में क्या जानकारी मिलती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि इस मांग पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया दी गई है या किसी जांच एजेंसी को मामले की जांच सौंपी गई है।
जांच और सबूतों से साफ होगी तस्वीर
रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच सामने आए इस विवाद में कथित ऑडियो, राजनीतिक सफर और संपत्ति को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। एक ओर साहू ने ऑडियो को AI से तैयार बताया है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए दस्तावेज सामने रखने की बात कही है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन आरोपों को साबित हुआ नहीं माना जा सकता। मामले में ऑडियो की प्रामाणिकता, संपत्ति से जुड़े दावों और भ्रष्टाचार के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्वतंत्र जांच और प्रमाणित दस्तावेज अहम होंगे। मुख्यमंत्री या संबंधित जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक कदम उठाए जाने की जानकारी भी सामने आने पर मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।