लखनऊ में एक बांग्लादेशी नागरिक के कथित तौर पर भारतीय दस्तावेज बनवाकर रहने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के मोहम्मद सज्जाद हुसैन की पहचान लखनऊ की फरहीन नाज से PUBG गेम खेलने के दौरान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और बाद में यह रिश्ता अफेयर में बदल गया।
बताया गया है कि वर्ष 2023 में सज्जाद बांग्लादेशी पासपोर्ट पर टूरिस्ट वीजा लेकर सऊदी अरब से लखनऊ पहुंचा था। इसके बाद उसने यहां कई भारतीय पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज बनवा लिए। पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार किया है।
PUBG खेलते हुए लखनऊ की महिला से हुई दोस्ती
मोहम्मद सज्जाद हुसैन और लखनऊ की फरहीन नाज की मुलाकात 2018 में PUBG खेलते समय हुई थी। गेम के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध बन गए।
कई साल बाद सज्जाद लखनऊ पहुंचा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2023 में वह बांग्लादेशी पासपोर्ट पर टूरिस्ट वीजा लेकर सऊदी अरब से लखनऊ आया था।
जनसेवा केंद्र के जरिए बनवाए कई दस्तावेज
लखनऊ पहुंचने के बाद सज्जाद ने कथित तौर पर भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए। इसमें जनसेवा केंद्र चलाने वाले मोहम्मद तलहा की भूमिका बताई गई है।
जानकारी के मुताबिक तलहा के जरिए सज्जाद का आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड बनवाया गया। इसके अलावा उसके पास लखनऊ का आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र भी मिला है।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। पुलिस को सज्जाद के पास जन्म प्रमाण पत्र भी मिलने की जानकारी सामने आई है। यानी एक विदेशी नागरिक के पास भारत में पहचान और स्थानीय निवास से जुड़े कई दस्तावेज मौजूद पाए गए।
अयोध्या में फरहीन नाज से की कोर्ट मैरिज
साल 2023 में ही सज्जाद ने फरहीन नाज से अयोध्या में कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद वह लखनऊ में रहने लगा।
बताया गया है कि सज्जाद बाजारखाला इलाके के भदेवा स्थित नसीरुल्ला अपार्टमेंट में रह रहा था। इसी दौरान उसने यहां अपने नाम से कई सरकारी दस्तावेज भी तैयार करवा लिए।
पुलिस ने मोहम्मद सज्जाद हुसैन को किया गिरफ्तार
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मोहम्मद सज्जाद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास मिले दस्तावेज अब इस पूरे मामले का अहम हिस्सा हैं।
इस प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक दूसरे देश के नागरिक ने भारत में आधार, पैन और वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज आखिर किस प्रक्रिया के तहत हासिल किए। इसके अलावा उसके नाम पर आय, जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी भी जांच के दायरे में है।
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यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आम नागरिकों को अपने पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज बनवाने के लिए कई स्तरों पर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। ऐसे में किसी विदेशी नागरिक के पास इतने सारे भारतीय दस्तावेज मिलना व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में दस्तावेजों और उन्हें बनवाने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।