अमित शाह का राहुल गांधी पर पलटवार: “क्या BJP की जीत SIR से हुई?”

विपक्ष के मार्च के बाद अमित शाह ने राहुल गांधी से पूछा, क्या BJP की जीत SIR का नतीजा है? जानिए गुजरात, राजस्थान, त्रिपुरा और बंगाल पर उनके दावे।

अमित शाह ने विपक्ष के मार्च और SIR पर राहुल गांधी को जवाब दिया

नई दिल्ली। चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए अब गृह मंत्री अमित शाह खुद सामने आए हैं। विपक्ष के दिल्ली मार्च के बाद उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या हाल के चुनावों में BJP और NDA की जीत भी SIR की वजह से हुई है। शाह का कहना है कि ये नतीजे जनता के भरोसे की तस्वीर हैं और कांग्रेस को बहाने ढूंढने के बजाय अपनी हार पर सोचना चाहिए।

सोमवार के मार्च के बाद आया जवाब

सोमवार को राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेताओं ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। पुलिस ने मार्च को सुप्रीम कोर्ट से करीब 600 मीटर पहले भगवान दास रोड पर रोक दिया। बताया गया कि ज्यादातर नेताओं और समर्थकों को पहले ही रोका जा चुका था, जबकि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर तक पहुंच गए।

विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मनमानी और धांधली के आरोप लगा रहा है और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।

गुजरात और राजस्थान के नतीजे गिनाए

शाह ने कहा कि गुजरात की दो नगरपालिकाओं और एक नगर निगम की 104 सीटों में से BJP ने 90 पर जीत हासिल की। अपने संसदीय क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गांधीनगर नगर निगम की 44 में से 38 सीटें BJP के खाते में गईं और पार्टी का वोट शेयर पिछली बार से 10 प्रतिशत बढ़ा। उनके दावे के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने 32 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन सभी की जमानत जब्त हो गई।

राजस्थान के बारे में शाह का दावा है कि BJP ने लगभग 90 फीसदी नगर निगमों, 66 फीसदी नगर परिषदों और 65 फीसदी नगरपालिकाओं में बाजी मारी। उन्होंने यह भी कहा कि AAP की 85 फीसदी से ज्यादा वार्डों में जमानत जब्त हुई।

उपचुनावों में कांग्रेस का हाल

शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुदुचेरी के उपचुनावों का हवाला देकर कहा कि कांग्रेस को कहीं एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कुछ आंकड़े भी रखे:

  • नौगांव: कांग्रेस की पुरानी सीट पर BJP प्रत्याशी 1,42,000 वोट से जीता।
  • नंदीग्राम: BJP उम्मीदवार को करीब 76 प्रतिशत वोट मिले और जीत का अंतर 1,22,000 रहा।
  • पश्चिम बंगाल की एक और सीट: BJP ने तृणमूल से सीट छीनी और 75,000 से ज्यादा वोटों से जीती।
  • पुदुचेरी: NDA की सहयोगी AINRC का उम्मीदवार 8,482 वोट से जीता, जहां शाह के अनुसार कांग्रेस को सिर्फ 22 प्रतिशत वोट मिले।

त्रिपुरा का बैलेट पेपर वाला तर्क

त्रिपुरा की ग्राम समिति के चुनावों पर शाह ने कहा कि कुल 4,600 सीटों में NDA ने 4,000 से ज्यादा सीटें जीतीं और उसका वोट शेयर 77.5 फीसदी रहा, जबकि कांग्रेस के हिस्से सिर्फ 14 सीटें आईं। उनका तर्क था कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए, इसलिए जो लोग मशीनों पर सवाल उठाते हैं, उनकी दलील यहां टिकती नहीं।

कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड पर तंज

शाह ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में आखिरी बार 1985 में जीत दर्ज की थी, यानी 41 साल पहले। त्रिपुरा में 33 साल और बंगाल में 54 साल से पार्टी सत्ता से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि SIR तो 2024 के बाद शुरू हुआ, जबकि राहुल गांधी के कांग्रेस का प्रमुख चेहरा, अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद से पार्टी लगातार हार रही है।

“फैब्रिकेटेड मीडिया इवेंट” कहा

विपक्ष के मार्च को शाह ने “फैब्रिकेटेड मीडिया इवेंट” करार दिया। उनका दावा है कि 14 दलों के कार्यकर्ताओं को जुटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में 8,000 लोगों की भीड़ दिखाई गई। शाह ने कहा कि देश की असली आवाज गांवों, खेतों, पहाड़ों, जंगलों और नदी किनारे बसी बस्तियों में है, जहां कांग्रेस की पहुंच नहीं है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के बहाने घुसपैठियों को बचाने की कोशिश को जनता समझ चुकी है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 के आम चुनाव में NDA प्रचंड बहुमत से जीतेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार झेलनी पड़ेगी।

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