GST prosecution threshold ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹5 करोड़ हुआ। GST अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्ति खत्म और सामान्य पेनल्टी ₹10,000 की गई।
GST व्यवस्था को लेकर GST Council ने गुरुवार को कई अहम फैसले किए। परिषद ने GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को खत्म करने और अभियोजन शुरू करने की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का फैसला किया है। इससे पहले यह सीमा ₹1 करोड़ थी। इसके साथ ही सामान्य पेनल्टी की राशि भी घटाने का निर्णय लिया गया है।
57वीं GST Council की बैठक में टैक्स व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलावों पर सहमति बनी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, अब GST की दरों में बदलाव सामान्य तौर पर साल में एक बार ही किए जाएंगे। परिषद का ध्यान अब टैक्स सिस्टम के रोजमर्रा के कामकाज को आसान और अधिक स्पष्ट बनाने पर है।
GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म
परिषद के फैसले के मुताबिक GST अधिकारियों को गिरफ्तारी की जो शक्ति हासिल थी, उसे समाप्त किया जाएगा। यह फैसला GST से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
इसके अलावा किसी मामले में अभियोजन यानी कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए जरूरी राशि की सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब GST prosecution threshold को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद ₹5 करोड़ से कम की राशि से जुड़े मामलों में अभियोजन शुरू करने की मौजूदा सीमा लागू नहीं होगी। परिषद ने GST से जुड़े आपराधिक प्रावधानों में सजा के तरीके को लेकर भी बदलाव किया है।
सजा के लिए न्यूनतम अनिवार्यता हटाई गई
GST Council ने न्यूनतम सजा की अनिवार्यता को भी हटा दिया है। अब किसी मामले में जुर्माना, जेल या दोनों में से क्या सजा दी जाएगी, इसका फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसका मतलब है कि हर मामले में पहले से तय न्यूनतम सजा लागू करने की बाध्यता नहीं रहेगी। सजा का निर्धारण संबंधित मामले और न्यायिक विवेक के आधार पर किया जाएगा।
ईमानदार खरीदारों के लिए ITC पर बनेगी समिति
बैठक में Input Tax Credit यानी ITC से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। परिषद ने ऐसे खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों की एक समिति बनाने का फैसला किया है, जिन्होंने सही बिल लिया है, सामान प्राप्त किया है और अपने सप्लायर को पूरा भुगतान भी कर दिया है। कई मामलों में खरीदार के पास लेनदेन से जुड़े जरूरी दस्तावेज होने के बावजूद ITC को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी मुद्दे पर अब Committee of Officers विस्तृत अध्ययन करेगी। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह समिति अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर पूरी करेगी। इसके बाद उसकी सिफारिशों को अगली GST Council बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाएगा।
सामान्य पेनल्टी भी घटाई गई
GST व्यवस्था में उस स्थिति के लिए लगने वाली सामान्य पेनल्टी, जहां किसी खास उल्लंघन के लिए अलग से जुर्माने का प्रावधान नहीं है, उसे भी कम करने का फैसला हुआ है। पहले ऐसी सामान्य पेनल्टी की राशि ₹25,000 थी। अब इसे घटाकर ₹10,000 कर दिया गया है।
GST दरों में बदलाव अब साल में एक बार
वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि GST की दरों से जुड़ी संरचना अब तय हो चुकी है। ऐसे में परिषद का ध्यान टैक्स व्यवस्था के रोजमर्रा के संचालन और उससे जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर रहेगा। फैसले के अनुसार GST की दरों में बदलाव अब सामान्य तौर पर साल में एक बार किए जाएंगे। इससे दरों में बार-बार होने वाले बदलावों को सीमित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
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कुल मिलाकर 57वीं GST Council बैठक में गिरफ्तारी के अधिकार, अभियोजन की सीमा, सजा और सामान्य पेनल्टी के साथ-साथ ITC से जुड़े वास्तविक खरीदारों के हितों पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य GST व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।