नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026 — अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसेना के जहाज के बीच टक्कर का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को इस घटना पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के प्रभारी राजनयिक (Chargé d’Affaires) को तलब किया और पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के आचरण को “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर” बताया।
उत्तरी अरब सागर में हुई टक्कर
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना का युद्धपोत उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज गति से भारतीय युद्धपोत के करीब आया और समुद्र में उसकी दिशा में असुरक्षित तरीके से मैन्युवरिंग करने लगा।
इसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि, घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
भारत ने पाकिस्तान के सामने दर्ज कराया विरोध
MEA ने बुधवार को पाकिस्तान के प्रभारी राजनयिक को बुलाकर घटना को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज का व्यवहार समुद्र में तय सुरक्षा मानकों और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों के अनुरूप नहीं था।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई और इससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
1991 के समझौते का भी दिया हवाला
भारत ने इस घटना को अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिक गतिविधियों की पूर्व सूचना से जुड़े समझौते के अनुच्छेद 10 के सीधे उल्लंघन से जोड़ा है।
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MEA ने पाकिस्तान के प्रभारी राजनयिक से कहा कि वह पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक भारत की आपत्ति पहुंचाएं।
भारत ने सभी सैन्य इकाइयों से समुद्र में पर्याप्त सावधानी बरतने और दोनों देशों के बीच लागू संबंधित समझौतों का सम्मान करने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।
इस्लामाबाद में भी दर्ज होगा भारत का विरोध
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस्लामाबाद स्थित भारत के प्रभारी राजनयिक को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टक्कर से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। भारत ने हालांकि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के संचालन के तरीके को गंभीरता से लेते हुए आधिकारिक स्तर पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।