उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में योगी ने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने अंसारी के बयान को भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति के संदर्भ में दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले हामिद अंसारी का वक्तव्य देखा था। उनके मुताबिक, कुछ लोगों की आदत ऐसी होती है कि वे अपने पद की मर्यादा को बनाए नहीं रख पाते और पद से हटने के बाद भी उसी तरह का आचरण जारी रखते हैं।
हामिद अंसारी के बयान पर योगी की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हामिद अंसारी के वक्तव्य का खंडन या मंडन करने की स्थिति में खुद को नहीं रखना चाहते, लेकिन उनके अनुसार जिस तरह भारत की सनातन और हिंदू परंपरा को लेकर बात कही गई, वह चिंता का विषय है।
योगी ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से दुनिया में भारत की छवि को लेकर गलत संदेश जाता है। उन्होंने इसे उन प्रयासों से जोड़कर देखा, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे भारत की छवि को कमजोर करने के लिए लगातार किए जाते रहे हैं।
पूर्व उपराष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी ने कहा कि भारत की परंपरा और संस्कृति को समझे बिना देश के मूल स्वरूप को समझना मुश्किल है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में मौजूद परंपराओं और विचारों की स्वीकार्यता का भी उल्लेख किया।
‘संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप आचरण होना चाहिए’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहने वाले व्यक्ति से संविधान और पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है। उनके मुताबिक, देश और भारत की बात होने पर एकता और अखंडता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि व्यवस्था में ऐसे लोगों का प्रवेश नहीं होना चाहिए, जिनके विचार भारत के बारे में गलत छवि बनाने का कारण बनें। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘भटके हुए’ बताते हुए कहा कि उनके आचरण से देश के बारे में गलत धारणा बनाने का प्रयास होता है।
हामिद अंसारी ने क्या कहा था?
हामिद अंसारी ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ए.जे. नूरानी मेमोरियल लेक्चर को संबोधित किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इस दौरान जवाहरलाल नेहरू से जुड़े एक ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को भारत के लिए एक बड़ी चुनौती के तौर पर पेश किया और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके इस वक्तव्य के बाद राजनीतिक विवाद सामने आया और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया दी गई।
योगी आदित्यनाथ ने इसी वक्तव्य के संदर्भ में पूर्व उपराष्ट्रपति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा और हिंदू सांस्कृतिक विरासत को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
ग्रेटर नोएडा में ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में पहुंचे थे। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ रखी गई थी।
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कार्यक्रम में योगी ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, नारी सम्मान और युवाओं की भूमिका पर भी अपने विचार रखे। इसी दौरान उन्होंने हामिद अंसारी के बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी।
हामिद अंसारी के वक्तव्य को लेकर सामने आया यह विवाद फिलहाल राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर अंसारी के भाषण में सांप्रदायिकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लेकर व्यक्त विचार चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा के संदर्भ में आपत्तिजनक बताया है।