हरिद्वार: नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार, 18 सितंबर को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उसका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक चाय की दुकान में मिला। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की परिस्थितियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और बताया जा रहा है कि वह भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान चला रहा था। शुक्रवार को इसी दुकान पर उसका शव मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड से जुड़ा था। यह मामला उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा स्थित निठारी इलाके में सामने आया था और इसके बाद देशभर में इसकी चर्चा हुई थी।
भूपतवाला में चाय की दुकान पर मिला शव
पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। वह भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान चला रहा था। शुक्रवार को उसी जगह उसका शव मिला।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दुकान सप्त सरोवर रोड क्षेत्र में बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शुरुआती जांच में पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है, लेकिन मौत की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मौके से किसी आत्महत्या नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।
हरिद्वार में कुछ समय से रह रहा था कोली
रिपोर्टों के अनुसार, जेल से रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार आया था। यहां उसने चाय का काम शुरू किया था। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि वह भूपतवाला इलाके में पिछले कुछ दिनों से चाय की दुकान चला रहा था।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और घटना से कुछ दिन पहले भूपतवाला क्षेत्र में आया था, जहां उसने चाय का ठेला या दुकान शुरू की थी।
कौन था सुरेंद्र कोली?
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 के निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। वह नोएडा सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मनिंदर सिंह पंढेर के यहां घरेलू काम करता था।
निठारी इलाके में बच्चों और महिलाओं के लापता होने के मामलों की जांच के दौरान मनिंदर सिंह पंढेर के घर के आसपास से मानव अवशेष मिलने के बाद मामला बेहद चर्चित हो गया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और सुरेंद्र कोली तथा मनिंदर सिंह पंढेर के नाम इस मामले से जुड़े।
इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद कई मुकदमे चले। सुरेंद्र कोली को अलग-अलग मामलों में निचली अदालतों से दोषी ठहराया गया और कुछ मामलों में उसे मौत की सजा भी सुनाई गई थी।
हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में इन मामलों की स्थिति बदलती गई और कई मामलों में उसे बरी कर दिया गया।
निठारी कांड में क्या हुआ था?
निठारी कांड वर्ष 2006 में सामने आया था। नोएडा के निठारी इलाके में लोगों के लापता होने के मामलों की जांच के दौरान एक मकान के आसपास से मानव अवशेष बरामद किए गए थे।
इस बरामदगी के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई। मामले में बच्चों और महिलाओं के लापता होने तथा उनकी हत्या से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
जांच के दौरान सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को मामले से जोड़कर देखा गया। दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई हुई और लंबे समय तक अदालतों में सुनवाई चली।
कई मामलों में मिली थी सजा
निठारी कांड से जुड़े अलग-अलग मामलों में सुरेंद्र कोली को निचली अदालतों ने दोषी ठहराया था। कुछ मामलों में उसे मृत्युदंड और कुछ में उम्रकैद जैसी सजा सुनाई गई।
इसके बाद मामला उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान कई मामलों में उसके खिलाफ पहले दिए गए फैसले बदल गए।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2023 में निठारी कांड से जुड़े कई मामलों में सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को बरी कर दिया था। बाद में इन फैसलों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया भी चली।
2025 में सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतिम राहत
सुरेंद्र कोली के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया का अंतिम बड़ा पड़ाव नवंबर 2025 में आया। सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ बचे अंतिम मामले में उसकी दोषसिद्धि को हटाते हुए उसे राहत दी थी।
द स्टेट्समैन के अनुसार, 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने रिम्पा हलदार मामले में दायर क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए उसकी दोषसिद्धि को रद्द कर दिया था। इसके बाद उसके खिलाफ निठारी कांड से जुड़े मामलों में कोई दोषसिद्धि कायम नहीं रही।
यही वजह है कि सुरेंद्र कोली की रिहाई के बाद वह हरिद्वार में रहने लगा था। उसके जेल से बाहर आने के बाद की जिंदगी अब एक बार फिर निठारी कांड के कारण चर्चा में आ गई है।
जेल से बाहर आने के बाद हरिद्वार में शुरू किया था चाय का काम
रिपोर्टों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार पहुंचा। यहां उसने चाय की दुकान शुरू की थी।
कुछ समय तक वह इसी काम से जुड़ा रहा। स्थानीय स्तर पर वह भूपतवाला क्षेत्र में रह रहा था। घटना के दिन भी वह उसी इलाके में था, जहां बाद में उसका शव मिला।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले उसकी स्थिति कैसी थी और मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होगी।
मनिंदर सिंह पंढेर भी हो चुका है बरी
निठारी कांड में सुरेंद्र कोली के साथ मनिंदर सिंह पंढेर का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था। दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे चले थे।
समय के साथ अदालतों में इन मामलों की स्थिति बदलती गई और पंढेर को भी कई मामलों में राहत मिली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, निठारी कांड से जुड़े मामले में पंढेर भी जेल से बाहर आ चुका है।
निठारी कांड से जुड़े मामलों की लंबी कानूनी प्रक्रिया करीब दो दशक तक चर्चा में रही। इस दौरान निचली अदालतों के फैसलों से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों तक मामले में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए।
जांच के बाद साफ होगी मौत की पूरी वजह
सुरेंद्र कोली की मौत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमार्टम और जांच से मौत की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है, लेकिन घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
सुरेंद्र कोली की मौत ऐसे समय हुई है जब निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ चले मुकदमों की लंबी कानूनी प्रक्रिया में उसे अदालतों से राहत मिल चुकी थी। हरिद्वार में उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद एक बार फिर करीब दो दशक पुराने इस चर्चित मामले की चर्चा शुरू हो गई है।
निठारी कांड से जुड़ी प्रमुख बातें
- निठारी कांड वर्ष 2006 में नोएडा में सामने आया था।
- मामले की जांच के दौरान मानव अवशेष बरामद होने के बाद यह देशभर में चर्चित हुआ।
- सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर के नाम मामले से जुड़े।
- कोली को अलग-अलग मामलों में निचली अदालतों से सजा सुनाई गई थी।
- बाद में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कई मामलों में उसे बरी किया गया।
- नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ बचे अंतिम मामले में भी राहत दी।
- रिहाई के बाद वह हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था।
- 18 सितंबर 2026 को भूपतवाला क्षेत्र में उसकी मौत हो गई।
- पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है और परिस्थितियों की जांच जारी है।
सुरेंद्र कोली की मौत के साथ निठारी कांड से जुड़ी उसकी करीब दो दशक लंबी कानूनी कहानी का एक और अध्याय सामने आया है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उसकी मौत की परिस्थितियां क्या थीं और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं में क्या सामने आता है।