चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता रहे प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई मेजर भूपिंदर सिंह धिल्लों (रिटायर्ड) और उनके बेटे अमरवीर सिंह बावा सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। दोनों ने चंडीगढ़ में पार्टी की सदस्यता ली।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह धिल्लों ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। भूपिंदर सिंह धिल्लों को अकाली दल-BJP सरकार के दौरान प्रकाश सिंह बादल के राजनीतिक सचिव के तौर पर काम करने के लिए जाना जाता है।
कौन हैं मेजर भूपिंदर सिंह धिल्लों?
78 वर्षीय भूपिंदर सिंह धिल्लों को राजनीतिक हलकों में ‘मेजर भूप’ के नाम से जाना जाता है। वह प्रकाश सिंह बादल की सरकार में उनके राजनीतिक सचिव रहे थे। इस दौरान उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया था।
भूपिंदर सिंह धिल्लों, राज्यसभा के पूर्व सदस्य रहे दिवंगत गुरराज सिंह बादल के बेटे हैं। गुरराज सिंह, प्रकाश सिंह बादल के पिता रघुराज सिंह के छोटे भाई थे। उनका पुश्तैनी घर बादल गांव में SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के पुराने आवास के पास स्थित है।
BJP में शामिल होने के मायने
भूपिंदर सिंह धिल्लों का BJP में शामिल होना ऐसे समय हुआ है जब पार्टी पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है और राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
उनके BJP में आने के बाद पार्टी की ओर से इसे बादल परिवार से जुड़े एक और प्रमुख चेहरे के अपने साथ आने के तौर पर पेश किया गया है। इससे पहले जनवरी 2023 में पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए थे। हाल ही में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
लांबी से चुनाव लड़ने की चर्चा
भूपिंदर सिंह धिल्लों को अब BJP के लिए बादल परिवार के गढ़ लांबी में संभावित चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा स्रोत में नहीं है।
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP ने लांबी सीट से अपने पूर्व मुक्तसर जिला अध्यक्ष राकेश ढींगरा को मैदान में उतारा था। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी के गुरमीत सिंह खुड्डियां ने 66,313 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी।
प्रकाश सिंह बादल को 54,917 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के जगपाल सिंह अबुलखुराना को 10,136 और BJP के राकेश ढींगरा को 1,116 वोट मिले थे। ढींगरा को मिले वोट NOTA से भी कम रहे थे।
नायब सिंह सैनी से मुलाकात के बाद बढ़ी थी चर्चा
इसी साल जून में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित भूपिंदर सिंह धिल्लों के आवास पर जाकर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली थी। उस समय भूपिंदर सिंह धिल्लों रीढ़ की सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे।
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तब उन्होंने बताया था कि मनप्रीत सिंह बादल उनसे तीन बार मिलने आए थे, जबकि सुखबीर सिंह बादल के परिवार से कोई उनसे मिलने नहीं आया था। बाद में सुखबीर सिंह बादल ने भी उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी।
BJP में शामिल होने पर क्या बोले भूपिंदर सिंह?
BJP में शामिल होने के बाद भूपिंदर सिंह धिल्लों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम की तारीफ की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह आगे सक्रिय चुनावी राजनीति में भूमिका निभा सकते हैं और अपने नाम के साथ ‘बादल’ जोड़ सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अपने भतीजे और SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से उन्हें कोई शिकायत नहीं है। भूपिंदर सिंह धिल्लों और उनके बेटे के BJP में शामिल होने के साथ पंजाब की राजनीति में बादल परिवार से जुड़े नेताओं की राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।