हमीरपुर में बच्चों ने DM को घेरा, मिड-डे मील को लेकर की शिकायत, बोले- दूध में पानी और बिना छना आटा मिलता है

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्कूल के औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों ने जिलाधिकारी अशोक कुमार के सामने मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें रखीं। DM जब पतारा कंपोजिट विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे तो बच्चों ने उन्हें घेर लिया और स्कूल में मिलने वाले भोजन को लेकर अपनी परेशानियां बताईं। बच्चों ने खाने की गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों के रवैये को लेकर भी सवाल उठाए।

बच्चों ने जिलाधिकारी को बताया कि स्कूल में मिलने वाला दूध काफी पतला होता है। उनका आरोप था कि दूध में पानी मिलाकर दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों ने दाल में भी जरूरत से ज्यादा पानी होने की बात कही। रोटी को लेकर भी बच्चों ने शिकायत की कि कई बार बिना छने आटे से रोटी बनाई जाती है।

बच्चों ने DM के सामने रखी मिड-डे मील की शिकायत

औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों ने जिलाधिकारी अशोक कुमार के सामने स्कूल में मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। बच्चों की शिकायतों में सबसे प्रमुख बात दूध और दाल की गुणवत्ता को लेकर रही। बच्चों के मुताबिक, उन्हें दिया जाने वाला दूध पानी जैसा होता है। वहीं दाल में भी पानी की मात्रा अधिक होने की बात कही गई। बच्चों ने रोटी को लेकर भी शिकायत करते हुए कहा कि बिना आटा छाने ही रोटियां बनाई जाती हैं। इन शिकायतों के सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और नाराजगी जताई।

शिक्षकों के व्यवहार पर भी बच्चों ने उठाए सवाल

निरीक्षण के दौरान बच्चों ने सिर्फ मिड-डे मील की शिकायत नहीं की, बल्कि शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी अपनी बात जिलाधिकारी के सामने रखी। बच्चों का कहना था कि शिक्षक पढ़ाने की तुलना में मारते ज्यादा हैं। बच्चों की इस शिकायत के बाद स्कूल में पढ़ाई के माहौल और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों की बातें सुनीं और पूरे मामले पर नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी यानी BSA को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।

BSA को जांच के निर्देश

बच्चों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब मामले की जांच BSA स्तर से की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिड-डे मील की गुणवत्ता और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर बच्चों की शिकायतों में कितनी सच्चाई है।

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फिलहाल, जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों द्वारा सीधे शिकायत किए जाने से स्कूल में मिलने वाले भोजन और शिक्षकों के रवैये का मुद्दा सामने आया है। प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल बच्चों की शिकायतों ने स्कूल में मिड-डे मील की गुणवत्ता और पढ़ाई के दौरान शिक्षकों के व्यवहार को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

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