चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के मंगलवार को चंडीगढ़ में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर मार्च कर रहे थे। उन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
हरपाल चीमा के आवास की ओर मार्च
पंजाब कांग्रेस भवन, सेक्टर-15 से कांग्रेस कार्यकर्ता हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए थे।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर काफी तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए लगातार वाटर कैनन चलाया।
सचिन पायलट, राजा वड़िंग और बाजवा हिरासत में
प्रदर्शन का नेतृत्व सचिन पायलट और राजा वड़िंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया। सचिन पायलट, राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के चलते सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के सामने और सेक्टर-15/16 चौक के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
गुलजार सिंह की मौत का मामला उठा रही कांग्रेस
पंजाब कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए गुलजार सिंह की मौत के मामले को भी प्रमुखता से उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि गुलजार सिंह ने ड्रग्स के मुद्दे पर AAP मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किया था और उन्हें कथित तौर पर अपमानित किया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी जान ले ली।
कांग्रेस ने इस मामले में हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ FIR दर्ज करने और उनके तत्काल कैबिनेट से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का कहना है कि गुलजार सिंह मामले में न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा।
पंजाब के अधिकार और जवाबदेही का मुद्दा
पंजाब कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी इस पूरे मामले को पंजाब के अधिकार, न्याय और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देख रही है। कांग्रेस ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर एकजुट होकर आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ते हुए पंजाब के मुद्दों को लेकर अपने संगठन को मजबूत और एकजुट रखने की बात भी कही है।
फिलहाल चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं की हिरासत और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस लगातार हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
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कांग्रेस की मुख्य मांगें
- हरपाल चीमा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग।
- हरपाल चीमा के तत्काल कैबिनेट से इस्तीफे की मांग।
- गुलजार सिंह मामले में न्याय और जवाबदेही की मांग।
- पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का ऐलान।
कांग्रेस ने साफ किया है कि गुलजार सिंह मामले को लेकर उसकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और पार्टी पंजाब में न्याय तथा जवाबदेही के मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रहेगी।