ED की मुंबई-दिल्ली में 11 ठिकानों पर छापेमारी, बैंक फ्रॉड मामले में करोड़ों की संपत्तियां फ्रीज

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई और दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की है। ED के मुंबई जोनल ऑफिस-1 ने 10 सितंबर को दोनों शहरों में कुल 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई M/s Alfara’a Infraprojects Pvt Ltd (AIPL), उसके निदेशकों और उनसे जुड़े करीबी सहयोगियों के परिसरों में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई।

ED की यह जांच बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर CBI की चेन्नई स्थित आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी।

2012 में 103 करोड़ की क्रेडिट सुविधा, बाद में बढ़कर 360.50 करोड़ हुई

जांच एजेंसी के अनुसार, सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी AIPL ने साल 2012 में बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब 103 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा हासिल की थी। बाद में इस सुविधा को बढ़ाकर 360.50 करोड़ रुपये कर दिया गया।

18 जून 2018 को कंपनी का बैंक खाता NPA घोषित कर दिया गया। उस समय खाते में करीब 255.74 करोड़ रुपये बकाया बताए गए थे।

LCs और बैंक गारंटी में बड़े डिफॉल्ट का आरोप

ED की जांच में प्रथम दृष्टया करीब 75.02 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट (LCs) devolve होने और लगभग 164.59 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी (BGs) invoke होने की बात सामने आई है।

एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी पता चला कि अपराध से हासिल रकम को अलग-अलग लाभार्थी और बिचौलिया कंपनियों के माध्यम से कई स्तरों पर ट्रांसफर किया गया। इसके बाद रकम को AIPL और उसकी समूह कंपनियों तक वापस पहुंचाया गया। ED का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल रकम के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया गया।

ग्लेज्ड टाइल्स के निर्यात के नाम पर विदेशी लेनदेन

जांच में ग्लेज्ड टाइल्स के कथित निर्यात से जुड़ी विदेशी बैंक गारंटी का भी मामला सामने आया। ED के अनुसार, इन गारंटियों के बावजूद वास्तविक निर्यात नहीं हुआ।

इसके बाद रकम सिंगापुर और हांगकांग की विदेशी संस्थाओं को भेजी गई। AIPL की ओर से भुगतान नहीं किए जाने के बाद कई LCs devolve और BGs invoke हो गईं। इससे बैंक को वित्तीय नुकसान हुआ।

तलाशी में नकदी और FD समेत कई रिकॉर्ड मिले

ED की तलाशी के दौरान भारतीय मुद्रा के साथ विदेशी करेंसी भी बरामद हुई। एजेंसी के मुताबिक, कार्रवाई में 18 लाख रुपये भारतीय करेंसी, 9,567 अमेरिकी डॉलर और 860 क्वाचा बरामद कर जब्त किए गए।

इसके अलावा करीब 1.02 करोड़ रुपये की FD, 1.75 करोड़ जापानी येन और 1,03,145 अमेरिकी डॉलर की FD को फ्रीज किया गया।

डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज भी जब्त

तलाशी के दौरान ED ने बैंकिंग लेनदेन, LCs, BGs और अचल संपत्तियों से संबंधित कई दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए। डिजिटल डिवाइस भी कार्रवाई के दौरान कब्जे में लिए गए हैं।

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान ने सऊदी अरब के अनुरोध को ठुकराया, हूतियों के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने से इनकार

ED के अनुसार, जब्त सामग्री से कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम को बैंकिंग चैनल के जरिए अलग-अलग स्तरों पर घुमाने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मिलने में मदद मिल सकती है।

मामले में ED की जांच बैंक फ्रॉड से जुड़ी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और उससे संबंधित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल पर केंद्रित है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top