Uttarakhand helicopter crash में चमोली के जोशीमठ के पास 6 लोगों की मौत हुई। मृतकों में दिल्ली के पायलट और कर्नाटक के 5 यात्री शामिल हैं।
देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा हुआ। बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा Trans Bharat Aviation का निजी हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दिल्ली निवासी पायलट और कर्नाटक के 5 यात्री शामिल हैं। मरने वालों में कर्नाटक पुलिस के एक इंस्पेक्टर और तुमकुरु के एक शिक्षण संस्थान के प्रमुख भी थे।
हादसा जोशीमठ क्षेत्र के चाई गांव के पास हुआ। यह जगह जेपी पावर हाउस और मरवाड़ी पुल के नजदीक बताई गई है। हेलिकॉप्टर ने बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी और कुछ ही मिनट बाद उसका संपर्क टूट गया। सूचना मिलने पर भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे से सभी छह लोगों के शव बरामद किए गए।
हेलिकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाले पायलट की पहचान 48 वर्षीय कैप्टन हिमांशु सभरवाल के रूप में हुई है। वह दिल्ली के रहने वाले थे। उनके अलावा हेलिकॉप्टर में कर्नाटक के बेंगलुरु से आए पांच यात्री सवार थे।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48), पायलट, दिल्ली
- प्रतापा (41)
- अरुण सालुंके (44), कर्नाटक पुलिस इंस्पेक्टर
- वीबी शंकर गौड़ा (39)
- सुधीर के (50)
- एचएस नटराजा (51), तुमकुरु के विद्या भारती एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के प्रमुख
अरुण सालुंके कर्नाटक पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वहीं, एचएस नटराजा तुमकुरु में एक शिक्षण संस्थान का नेतृत्व कर रहे थे। हादसे में किसी के बचने की जानकारी नहीं मिली है।
उड़ान के दो मिनट बाद टूटा हेलिकॉप्टर से संपर्क
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, हेलिकॉप्टर का कॉल साइन VT-HCX था। इसने शुक्रवार दोपहर करीब 1:12 बजे बद्रीनाथ के सिविल हेलीपैड से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरी थी।
उड़ान के लगभग दो मिनट बाद यानी 1:14 बजे जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर का रडार ट्रांसमिशन लिंक टूट गया। इसके बाद विमान से संपर्क नहीं हो पाया और उसकी लोकेशन ट्रैक करने वाला सिस्टम भी सिग्नल भेजना बंद कर गया।
पास की सेना चौकी पर मौजूद जवानों ने हेलिकॉप्टर को पांडुकेश्वर के पास भंडाकंद मंदिर के ऊपर घाटी की ओर जाते देखा था। उस समय विमान करीब एक किलोमीटर की ऊंचाई पर बताया गया। कुछ देर बाद सेना के जवानों ने इलाके में धुआं उठते देखा और हेलिकॉप्टर को तेजी से नीचे की ओर आते हुए देखा।
सेना, पुलिस और SDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन
हेलिकॉप्टर से संपर्क टूटने और सेना के जवानों की सूचना के बाद बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सेना, पुलिस और SDRF की संयुक्त टीमें पांडुकेश्वर और जोशीमठ की ओर से दुर्घटनास्थल तक पहुंचीं।
इसके अलावा उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के दो अतिरिक्त हेलिकॉप्टर हवाई निगरानी के लिए लगाए गए। गोपेश्वर से ड्रोन टीमों को भी मलबे की तलाश के लिए भेजा गया।
हादसे के बाद एहतियात के तौर पर Trans Bharat Aviation के पूरे हेलिकॉप्टर बेड़े की उड़ानें रोक दी गईं।
खराब मौसम की आशंका, लेकिन हादसे की वजह स्पष्ट नहीं
हेलिकॉप्टर दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है। हालांकि, हादसे के बाद क्षेत्र के मौसम की स्थिति भी जांच के दायरे में आ सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को चमोली जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इसमें गरज-चमक, ओलावृष्टि, तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी।
क्षेत्र में पहले से तेज बारिश और घने बादल छाए हुए थे। कुछ इलाकों में बर्फबारी की भी खबर थी। हालांकि, अभी तक मौसम और हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर हादसों का पुराना रिकॉर्ड
यह दुर्घटना उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर सुरक्षा को लेकर पहले से मौजूद चिंताओं को फिर सामने लाती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के 2020 से 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में देशभर में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं के 12 मामले सामने आए। इनमें से 7 हादसे अकेले उत्तराखंड में हुए, जिनमें 21 लोगों की जान गई।
इसी अवधि में महाराष्ट्र में चार हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 7 लोगों की मौत हुई। छत्तीसगढ़ में भी एक जानलेवा हादसा दर्ज किया गया, जिसमें दो लोगों की मौत हुई।
इस महीने उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से जुड़े हेलिकॉप्टरों की दो इमरजेंसी लैंडिंग की घटनाएं भी सामने आई थीं। इनमें एक हेलिकॉप्टर को खराब मौसम के कारण रुद्रप्रयाग में उतारना पड़ा था, जबकि दूसरे की टिहरी में तकनीकी समस्या के चलते इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
फिलहाल जोशीमठ के पास हुए हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है। सभी छह लोगों की मौत के बाद अब दुर्घटना के कारणों का पता लगाना अहम होगा।