हमीरपुर: एक साल से पति लापता, 6 बीघा जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर दंडवत करती हुई DM के पास पहुंची महिला

Hamirpur land dispute में पति के एक साल से लापता होने और 6 बीघा जमीन पर कब्जे का आरोप लगाकर देवरती DM के पास पहुंचीं। SDM मौदहा को समाधान के निर्देश।

Hamirpur land dispute

हमीरपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में जमीन से जुड़े विवाद और पति के लापता होने की शिकायत लेकर एक महिला जिलाधिकारी के पास पहुंची। देवरती नाम की महिला कलेक्ट्रेट में दंडवत करते हुए अपनी फरियाद लेकर पहुंची। महिला का आरोप है कि उसके पति के करीब एक साल से लापता होने के बाद उसके जेठ और देवर ने पति के हिस्से की छह बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है।

देवरती का कहना है कि वह इस मामले को लेकर पहले भी कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है, लेकिन उसे अब तक समाधान नहीं मिला। इसी से परेशान होकर उसने जिलाधिकारी अशोक कुमार से न्याय की गुहार लगाई। महिला ने अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए मकान और जमीन दिलाने की मांग भी की है।

मामले को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने मौदहा के उपजिलाधिकारी (SDM) को मौके पर जाकर विवाद का समाधान कराने के निर्देश दिए हैं।

पति के लापता होने के बाद जमीन को लेकर विवाद

देवरती की शिकायत के मुताबिक, उसका पति करीब एक साल से लापता है। पति के लापता होने के बाद परिवार की जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। महिला का आरोप है कि उसके जेठ और देवर ने उसके पति के हिस्से में आने वाली छह बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया।

इस स्थिति में महिला अपने बच्चों के भविष्य और भरण-पोषण को लेकर परेशान है। उसने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखते हुए जमीन और मकान दिलाने की मांग की है, ताकि वह अपने बच्चों की जरूरतें पूरी कर सके।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में महिला के पति के लापता होने की परिस्थितियों, जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों या कब्जे के आरोपों पर दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायत को फिलहाल महिला के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान

महिला के अनुसार, उसने अपनी समस्या के समाधान के लिए पहले भी कई बार अधिकारियों से संपर्क किया था। इसके बावजूद जब उसे राहत नहीं मिली, तो वह जिलाधिकारी के सामने अपनी बात रखने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंची।

देवरती का दंडवत करते हुए अधिकारियों तक पहुंचना इस मामले का प्रमुख पहलू रहा। वह अपनी शिकायत के जरिए प्रशासन का ध्यान अपने परिवार की परेशानी और जमीन से जुड़े विवाद की ओर आकर्षित करना चाहती थी।

महिला की मांग केवल जमीन के विवाद तक सीमित नहीं है। उसने अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए मकान और जमीन उपलब्ध कराने की गुहार भी लगाई है। उसके मुताबिक, पति के लंबे समय से लापता होने के बीच परिवार की जिम्मेदारी निभाना उसके लिए एक बड़ी चिंता है।

DM अशोक कुमार ने SDM मौदहा को दिए निर्देश

देवरती ने जिलाधिकारी अशोक कुमार के सामने अपनी शिकायत रखी। इसके बाद डीएम ने मौदहा के एसडीएम को मौके पर पहुंचकर मामले का समाधान कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से दिए गए इन निर्देशों के बाद अब मामले में स्थानीय स्तर पर जांच और विवाद के समाधान की प्रक्रिया अहम होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर लिया है या जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू हो चुकी है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि शिकायत के बाद महिला को जमीन या मकान के संबंध में कोई तत्काल राहत मिली है या नहीं। फिलहाल, डीएम की ओर से संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर समाधान कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

बच्चों के भविष्य और जमीन के अधिकार की चिंता

देवरती की शिकायत में दो प्रमुख समस्याएं सामने आती हैं। पहली, उसका पति करीब एक साल से लापता है। दूसरी, उसके पति के हिस्से की छह बीघा जमीन पर रिश्तेदारों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप है।

यह भी पढ़ें: बिलासपुर में Malabar Gold के शोरूम पर FIR, 22 कैरेट सोने की जांच में रीडिंग बदलने का आरोप

महिला ने प्रशासन से अपने बच्चों के भरण-पोषण को ध्यान में रखते हुए मकान और जमीन दिलाने की मांग की है। अब मामले में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, महिला की शिकायत और संबंधित पक्षों की स्थिति की जांच के बाद ही विवाद के समाधान की तस्वीर साफ हो सकेगी।

फिलहाल, जिलाधिकारी अशोक कुमार ने मौदहा के एसडीएम को मामले का समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई से देवरती की शिकायत का निपटारा किस तरह होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top