पतियों की हत्या के मामलों को लेकर पहले से चर्चा में रहे मेरठ का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। मेरठ इल्मा तालिब हत्या का यह ताजा मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है कि मौत को हार्ट अटैक बताकर पति को सुपुर्दे-खाक कर दिया गया था और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस पूछताछ में पत्नी इल्मा ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद कब्र से शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के रहने वाले तालिब की शादी करीब चार साल पहले इल्मा से हुई थी। तालिब राजमिस्त्री का काम करता था और रोजी-रोटी के लिए मेरठ में किराए का कमरा लेकर पत्नी के साथ रह रहा था। इल्मा पेशे से ब्यूटीशियन है और शहर के सिग्नेचर स्टाइल ब्यूटी स्टूडियो में काम करती थी। बाहर से देखने पर यह एक आम मेहनतकश दंपती की जिंदगी थी, लेकिन अंदर क्या चल रहा था, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
हार्ट अटैक की कहानी पर क्यों उठा शक
28 सितंबर को तालिब के ही मोबाइल से इल्मा ने उसके घरवालों को फोन किया और बताया कि तालिब को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। परिवार के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी। अगले ही दिन, यानी 29 सितंबर को, तालिब का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन परिजनों के गले यह बात नहीं उतर रही थी कि अच्छा-खासा जवान मेहनतकश आदमी अचानक हार्ट अटैक से कैसे चला गया। मन में उठे इसी सवाल ने आगे चलकर पूरे मामले की परतें खोल दीं।
तालिब के मामा के बेटे रईस ने इल्मा से तालिब का मोबाइल मांगा। बताया जा रहा है कि शुरुआत में इल्मा ने फोन देने में आनाकानी की, पर काफी कहने के बाद जैसे-तैसे फोन परिवार के हाथ लगा। फोन खंगाला गया तो उसमें तालिब और अमन नाम के एक व्यक्ति की चैट मिली। चैट में तालिब, अमन को अपनी पत्नी से बात करने से रोकता नजर आ रहा था। यहीं से परिवार का शक पक्का हो गया कि मामला सिर्फ बीमारी से मौत का नहीं है।
पूछताछ में सामने आई सच्चाई
चैट मिलने के बाद इल्मा से सख्ती से पूछताछ की गई। आरोप है कि इसी दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने अमन और उसके एक दोस्त को बुलाकर तालिब की जान ले ली। यानी जिसे हार्ट अटैक बताया गया था, वह कथित तौर पर सोची-समझी वारदात निकली। अब पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि मौत की असली वजह वैज्ञानिक तरीके से सामने आ सके। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।
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गौरतलब है कि मेरठ पिछले एक साल में पत्नियों द्वारा पति की हत्या के कई मामलों को लेकर देशभर में चर्चा में रहा है। बीते एक साल के भीतर यहां चार से पांच ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें मुस्कान और रविता जैसे नाम खूब सुर्खियों में रहे। इल्मा और तालिब का मामला इसी कड़ी में एक और नाम जोड़ता दिख रहा है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी है, और मामले में आगे की कार्रवाई इन्हीं के आधार पर तय होगी।