पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 8 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से करीब 4 लाख कर्मचारियों और 3.5 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का करीब एक महीने से चल रहा आंदोलन खत्म होने की राह साफ हो गई है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार के प्रतिनिधिमंडल और कर्मचारी यूनियनों के नेताओं के बीच करीब 90 मिनट तक बैठक हुई। बैठक के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने DA बढ़ाने की घोषणा की।
सरकार के मुताबिक, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता सितंबर की सैलरी में शामिल किया जाएगा, जिसका भुगतान 1 अक्टूबर को होना है। इस फैसले से सरकार पर करीब 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
कर्मचारियों को 1 अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा हुआ DA
AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बताया कि कर्मचारियों को बढ़ा हुआ DA 1 अक्टूबर से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला फिलहाल सद्भावना के तौर पर लिया गया है और मामला अदालत में लंबित होने के कारण अंतिम निर्णय आने तक इसे लागू किया जा रहा है।
बैठक में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि दोनों पक्ष मामले को अदालत में आगे नहीं बढ़ाएंगे और बाकी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करेंगे। अमन अरोड़ा के साथ कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर और 12 अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों के नेता भी मौजूद रहे।
किन मुद्दों पर आगे होगी बातचीत?
कर्मचारी संगठनों ने DA के अलावा कई दूसरे मुद्दे भी सरकार के सामने रखे हैं। पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क ने बताया कि सरकार ने बाकी मांगों पर भी जल्द चर्चा करने का भरोसा दिया है।
कर्मचारी नेता सतीश राणा के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कुछ प्रमुख मांगों की समीक्षा प्राथमिकता के आधार पर करने का आश्वासन दिया है। इनमें मुख्य रूप से:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग
- 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए अलग वेतन संरचना खत्म करना
- प्रोबेशन अवधि के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन देना
इन मुद्दों पर सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच आगे बातचीत जारी रहेगी।
दो हफ्ते में होगी अगली बैठक
अमन अरोड़ा ने बताया कि कर्मचारियों के साथ अगली बैठक करीब दो सप्ताह बाद होगी। इसमें DA के अलावा बाकी लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी। कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने में अमन अरोड़ा की भूमिका के लिए उनका धन्यवाद भी किया।
अगस्त से चल रहा था कर्मचारियों का आंदोलन
पंजाब के सरकारी कर्मचारी पिछले एक महीने से अधिक समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। यह विवाद 3 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद और बढ़ गया था। अदालत ने सरकार को कर्मचारियों के 14,191 करोड़ रुपये के DA बकाये का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने को कहा था।
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इसके बाद कर्मचारियों ने 7 अगस्त को प्रदर्शन किया था। यूनियनों ने 27 अगस्त को ‘महा हड़ताल’ का ऐलान भी किया था और उसी दिन मुख्यमंत्री के साथ बैठक प्रस्तावित थी।
बाद में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया। कर्मचारी यूनियन के नेता मुख्यमंत्री से बातचीत के लिए जालंधर पहुंचे थे, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक रद्द कर दी थी।
इसके बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच तनाव बढ़ गया था। सरकार ने सामूहिक अवकाश को अनधिकृत छुट्टी मानने की बात कही थी। हालांकि, बाद में सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया। अब DA में 8 फीसदी बढ़ोतरी के ऐलान के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए बाकी मांगों को सुलझाने पर सहमति बनी है।