नंदीग्राम: ममता के समर्थन के ऐलान के कुछ घंटे बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब कुछ घंटे पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

नंदीग्राम में मिलन प्रधान गिरफ्तार, ममता ने दिया समर्थन

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मामला 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े पुराने कथित हत्या मामले से संबंधित है। हालांकि, गिरफ्तारी के समय मामले की सटीक धाराओं और अन्य कानूनी विवरण की पूरी जानकारी तत्काल सामने नहीं आई थी।

ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन

नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर ममता बनर्जी के गुट ने पहले अपनी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे को मैदान में उतारा था। शुक्रवार को संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।

ममता बनर्जी ने कहा कि उनके गुट का फैसला विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में है। उन्होंने कांग्रेस को ‘सिस्टर पार्टी’ बताते हुए INDIA गठबंधन को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके मुताबिक, नंदीग्राम से इस राजनीतिक सहयोग की शुरुआत का संदेश दिया जा रहा है।

ममता के समर्थन के कुछ ही घंटे बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने इस घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है।

कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी की ओर से समर्थन का ऐलान किए जाने के कुछ ही घंटे बाद कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया।

कांग्रेस प्रवक्ता मीता चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि विपक्ष को राजनीतिक जगह नहीं देने की कोशिश की जा रही है और इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं और पुलिस की कार्रवाई के पीछे किसी राजनीतिक उद्देश्य की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

पुराने नंदीग्राम आंदोलन से जुड़ा है मामला

मिलन प्रधान का राजनीतिक जुड़ाव नंदीग्राम के 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से रहा है। यह आंदोलन पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाता है। इसी दौर में नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना था।

मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, मिलन प्रधान की गिरफ्तारी इसी दौर से जुड़े एक पुराने मामले में हुई है। उनके खिलाफ पहले भी पुराने मामलों का उल्लेख सामने आता रहा है। हालांकि, शुक्रवार की गिरफ्तारी से संबंधित विस्तृत पुलिस और अदालत रिकॉर्ड की जानकारी अभी सामने आना बाकी है।

नंदीग्राम में बदले राजनीतिक समीकरण

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले घटनाक्रम तेजी से बदले हैं। पहले ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नाम वापस लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया।

अब मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने चुनावी मुकाबले को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी और ममता के समर्थन का ऐलान एक ही दिन हुआ है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी सीधे राजनीतिक संबंध की पुष्टि पुलिस या किसी आधिकारिक जांच से नहीं हुई है।

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नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र रहा है। 2007 का भूमि अधिग्रहण आंदोलन इसी क्षेत्र से जुड़ा था और बाद के वर्षों में नंदीग्राम राज्य की सत्ता की राजनीति का प्रमुख केंद्र बना।

फिलहाल, नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और चुनावी स्थिति पर सभी की नजर है। उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होना है और इसके नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

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