नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक में भारत-चीन संबंधों और सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने को दोनों देशों के रिश्तों के विकास के लिए जरूरी आधार बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया कि सीमा पर शांति बनी रहना भारत और चीन के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेने देना चाहिए।
PM मोदी ने तीन ‘म्युचुअल्स’ पर दिया जोर
MEA के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तीन अहम बातों पर जोर दिया। इनमें दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित शामिल हैं।
- Mutual Respect — आपसी सम्मान
- Mutual Sensitivity — आपसी संवेदनशीलता
- Mutual Interest — आपसी हित
प्रधानमंत्री ने मौजूदा समझौतों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया। बैठक में सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया गया।
BRICS सम्मेलन के सम्मान में रात्रि भोज
वहीं, BRICS सम्मेलन के सम्मान में वैश्विक नेताओं और देश के दिग्गजों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विशेष संगीत कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें BRICS देशों की विविधताओं को शामिल किया गया है।
ब्रिक्स सम्मेलन के सम्मान में आयोजित रात्रि भोज के मेन्यू में भारतीय व्यंजनों की खास झलक देखने को मिली। स्टार्टर में खंडवी मिले-फ्यूई और खुंब गलौटी शामिल रहे, जबकि मुख्य भोजन में पनीर लबाबदार, गुच्ची मर्मिक, कैरट बीन पोरीयल, थक्काली बेल्ले सारू, मिलेट पुलाव, बीटरूट रायता और अलग-अलग भारतीय ब्रेड परोसे गए। डेजर्ट में ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी और शहतूत फिरनी को शामिल किया गया, जिसमें मौसमी फलों, जलेबी, दूध-चावल की खीर और मीठे शहतूत का स्वाद देखने को मिला।
BRICS सम्मेलन के दौरान आयोजित यह विशेष कार्यक्रम वैश्विक नेताओं के लिए बैठक और औपचारिक कार्यक्रमों के बीच सांस्कृतिक विविधता की झलक भी पेश कर रहा है।