बैंक हड़ताल के बीच 5 दिन काम की मांग पर बैंककर्मी बोले- मांग जायज, लंबे समय से लंबित

11 सितंबर को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और संशोधित PLI यानी Performance Linked Incentive योजना का विरोध शामिल है।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन के वाइस प्रेसिडेंट श्यामल कुमार हाजरा ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को जायज बताया है। उनका कहना है कि यह मांग लंबे समय से लंबित है और अब इसे लागू करने की जरूरत है।

बैंककर्मियों ने 5 दिन काम की मांग को बताया जायज

श्यामल कुमार हाजरा के मुताबिक बैंकिंग सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी और अधिकारी पूरे साल काम करते हैं और आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग पर कहा कि यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है। उनके मुताबिक बैंकिंग का बड़ा हिस्सा डिजिटल हो चुका है, इसलिए सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग पर कोई स्पष्ट वजह नहीं है कि इसे लागू न किया जाए।

5 डे बैंकिंग प्रस्ताव पर अब तक नहीं बनी बात

बैंक यूनियनों के मुताबिक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने 8 मार्च 2024 को पांच-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के प्रस्ताव पर सहमति दी थी। प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारियों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक काम करने की व्यवस्था होनी थी। इसके साथ रोजाना काम के समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रावधान बताया गया था। यह प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

PLI योजना को लेकर भी बैंक यूनियनों में नाराजगी

हड़ताल का दूसरा बड़ा मुद्दा संशोधित PLI योजना है। UFBU ने इससे पहले मार्च 2025 में PLI से जुड़े मुद्दे को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था। बाद में IBA और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत के लिए इसे स्थगित कर दिया गया था। मार्च 2026 में सरकार ने बैंकों को संशोधित फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा और अभी लंबित है।

21 अगस्त 2026 को वित्तीय सेवा विभाग ने बैंकों को एक बार फिर संशोधित फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया। बैंक यूनियनों ने इसका विरोध करते हुए इसे औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत नियमों के उल्लंघन का मामला बताया है। यूनियनों का कहना है कि नया PLI फॉर्मूला भेदभावपूर्ण है और द्विपक्षीय बातचीत से तय किए गए समान प्रोत्साहन ढांचे के अनुरूप नहीं है।

लगातार कई दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं

11 सितंबर की देशव्यापी हड़ताल के बाद 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी है। इसके अलावा कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी भी है। ऐसे में कई जगहों पर बैंकिंग सेवाएं कुल चार दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं।

हड़ताल के कारण मुख्य रूप से शाखाओं में होने वाले काम प्रभावित होने की बात सामने आई है। इनमें चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और लोन से जुड़े कागजी काम शामिल हैं।

सितंबर के अंत में फिर हड़ताल का ऐलान

UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया है। यह हड़ताल अर्धवार्षिक बैंक क्लोजिंग के साथ पड़ रही है।

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यूनियनों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन उनकी मांगों पर सहमत नहीं होते हैं, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है। फिलहाल बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह और संशोधित PLI योजना को लेकर विवाद जारी है।

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