चंडीगढ़, सेक्टर 63: चंडीगढ़ हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले लोगों के लिए इन दिनों घर होना ही काफी नहीं है, क्योंकि घर में पानी नहीं है। चंडीगढ़ के सेक्टर 63 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) सोसाइटी के निवासी पिछले तीन दिनों से पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों के घरों की टंकियां खाली पड़ी हैं और पीने से लेकर रोजमर्रा के जरूरी कामों तक के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।
निवासियों का कहना है कि जिस सोसाइटी में फ्लैटों की कीमत ₹1.7 करोड़ से ज्यादा तक पहुंचती है, वहां बुनियादी सुविधा के तौर पर पानी की नियमित सप्लाई भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही। पानी की कमी का असर सबसे ज्यादा बच्चों और रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
सुबह स्कूल और ऑफिस जाने की तैयारी के समय जब घरों में नल सूखे मिलते हैं, तो परिवारों के सामने सबसे बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। लोगों का कहना है कि कई बार बिना ठीक से नहाए-धोए बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है और कामकाजी लोगों को भी इसी परेशानी के बीच घर से निकलना पड़ता है।
तीन दिन से प्रेशर लो, घरों की टंकियां खाली
सेक्टर 63 की इस सोसाइटी में पानी की समस्या फिलहाल तीन दिनों से गंभीर बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, घरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही और कई टंकियों में पानी नहीं पहुंच रहा।
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पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए लोगों को लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। समस्या केवल पीने के पानी तक सीमित नहीं है। नहाने, कपड़े धोने, खाना बनाने और दूसरे रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
निवासियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो। उनका दावा है कि हर महीने कई दिन पानी की सप्लाई से जुड़ी परेशानी सामने आती है।
महीने में करीब छह दिन परेशानी का दावा
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि महीने में कम से कम छह दिन पानी की सप्लाई को लेकर समस्या बनी रहती है। कभी पानी का दबाव बहुत कम होता है तो कभी सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाती है।
लो-प्रेशर की स्थिति में भी ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचने में परेशानी होती है। वहीं, जब सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाती है तो घरों में मौजूद पानी का स्टॉक खत्म होने के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है।
निवासियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं मिलती कि पानी की सप्लाई कब प्रभावित होगी।
पहले से सूचना नहीं मिलने पर बढ़ती परेशानी
लोगों का कहना है कि अगर पाइपलाइन में कोई खराबी है, पंप हाउस की मोटर में समस्या है या किसी दूसरे कारण से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने वाली है, तो इसकी जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी जाती।
उनके मुताबिक, कई बार सुबह जब नल से पानी नहीं आता, तभी उन्हें पता चलता है कि आज फिर पानी की समस्या सामने है।
निवासियों के अनुसार, अगर प्रशासन की ओर से पहले ही सूचना दे दी जाए तो लोग अपनी जरूरत के हिसाब से पानी जमा कर सकते हैं और बच्चों तथा कामकाजी लोगों की दिनचर्या को कुछ हद तक संभाला जा सकता है।
आखिर पानी की सप्लाई क्यों रुकती है?
पानी की समस्या को लेकर निवासियों के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर बार-बार सप्लाई प्रभावित होने की वजह क्या है।
लोगों का कहना है कि उन्हें स्पष्ट रूप से यह जानकारी नहीं दी जाती कि पानी की कमी किसी पाइपलाइन की समस्या के कारण है, किसी पंप की खराबी से जुड़ी है या पानी के दबाव में कमी की वजह से।
यही वजह है कि हर बार समस्या आने पर लोगों को किसी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि सिर्फ अस्थायी तौर पर पानी उपलब्ध कराने के बजाय समस्या की वास्तविक वजह सामने लाई जाए और ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे बार-बार जल संकट की स्थिति पैदा न हो।
नगर निगम की हेल्पलाइन पर शिकायत, फिर भी टैंकर नहीं पहुंचा
पानी की परेशानी बढ़ने के बाद निवासियों ने चंडीगढ़ नगर निगम की आधिकारिक हेल्पलाइन 0172-2787200 पर भी संपर्क किया। लोगों के अनुसार, उन्होंने अपनी समस्या बताई और पानी की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। लेकिन शिकायत करने के बावजूद सोसाइटी में पानी का टैंकर नहीं पहुंचा।
निवासियों का कहना है कि जब घरों में पानी पूरी तरह खत्म हो जाए और नियमित सप्लाई भी उपलब्ध न हो, तब आपात स्थिति में टैंकर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था की उम्मीद स्वाभाविक है। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी राहत नहीं मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
बच्चों और नौकरीपेशा लोगों पर सबसे ज्यादा असर
जल संकट का असर सोसाइटी में रहने वाले परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधे तौर पर पड़ रहा है।
सुबह के समय जब बच्चों को स्कूल जाना होता है और बड़ों को ऑफिस के लिए निकलना होता है, उसी दौरान पानी की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में नलों में पानी नहीं आने से परिवारों के सामने समय पर तैयार होने की समस्या खड़ी हो जाती है।
निवासियों के मुताबिक, पानी की कमी का असर केवल कुछ घंटों की असुविधा नहीं है। अगर सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित रहे तो घर के लगभग हर जरूरी काम पर इसका असर पड़ता है।
करोड़ों की कीमत वाले फ्लैटों में बुनियादी सुविधा पर सवाल
सेक्टर 63 की सोसाइटी के निवासी इस बात को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं कि महंगे फ्लैटों में रहने के बावजूद उन्हें पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है।
निवासियों के अनुसार, कुछ फ्लैटों की कीमत ₹1.7 करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद लोगों को कम से कम नियमित और भरोसेमंद बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद रहती है।
यह मामला केवल फ्लैट की कीमत का नहीं, बल्कि उस सुविधा का भी है जिसकी जरूरत हर परिवार को रोजाना होती है। पानी की सप्लाई में बार-बार आने वाली रुकावट ने इसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
निवासियों की मांग क्या है?
सेक्टर 63 के लोगों की मांग है कि पानी की समस्या को अस्थायी तरीके से नहीं बल्कि स्थायी समाधान के साथ खत्म किया जाए।
निवासी चाहते हैं कि:
- पानी की सप्लाई नियमित की जाए।
- लो-प्रेशर की समस्या को दूर किया जाए।
- सप्लाई बंद होने की स्थिति में पहले से सूचना दी जाए।
- खराबी की वजह और उसे ठीक करने की जानकारी लोगों को दी जाए।
- जरूरत पड़ने पर समय पर पानी के टैंकर भेजे जाएं।
- बार-बार होने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
लोगों का कहना है कि हर महीने कई दिनों तक ऐसी स्थिति बनी रहना सामान्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
प्रशासन से जवाब और स्थायी समाधान की मांग
सोसाइटी के निवासी अब केवल तत्काल पानी की बहाली नहीं, बल्कि इस पूरी व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि अगर समस्या बार-बार सामने आ रही है तो केवल उस दिन पानी उपलब्ध कराने से मामला खत्म नहीं होगा। जरूरी है कि समस्या की वजह का पता लगाया जाए और ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए जिससे भविष्य में लोगों को बार-बार इसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
पानी की सप्लाई को लेकर समय पर सूचना नहीं मिलने की शिकायत भी लोगों के बीच प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। उनका कहना है कि किसी भी तकनीकी खराबी या सप्लाई में बदलाव की जानकारी पहले मिल जाए तो निवासी अपनी जरूरत के मुताबिक तैयारी कर सकते हैं।
सड़क पर उतरने की चेतावनी
पानी की समस्या से परेशान सेक्टर 63 के निवासियों ने कहा है कि अगर जल्द ही जलापूर्ति सामान्य नहीं हुई और समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी मांग यही है कि घरों में नियमित पानी पहुंचे और उन्हें हर कुछ दिनों बाद इसी तरह के संकट का सामना न करना पड़े।
चंडीगढ़ जैसे शहर में सेक्टर 63 की इस सोसाइटी का मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि महंगे आवासीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी अगर नियमित पानी के लिए शिकायत और इंतजार करना पड़े, तो बुनियादी सेवाओं की व्यवस्था को लेकर जवाबदेही किसकी होगी। फिलहाल सेक्टर 63 के निवासी पानी की नियमित आपूर्ति बहाल होने और बार-बार पैदा होने वाली समस्या के स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।