मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले मुंबई में एक युवक के खुद को PMO अधिकारी बताने का मामला सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 24 वर्षीय रोहन पारेख और उसके कथित बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों को BKC स्थित नीता अंबानी कल्चरल सेंटर से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान रोहन पारेख के पास से कथित तौर पर फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ।
रोहन पारेख ने खुद को PMO अधिकारी बताया
पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय रोहन पारेख ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO का अधिकारी बताया था। उसके पास एक आईडी कार्ड भी मिला, जिसे पुलिस फर्जी बता रही है।
रोहन के साथ मौजूद दिलीप कुंडे को उसका बॉडीगार्ड बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, दिलीप के पास से हथियार भी बरामद हुआ है। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
वकील ने कहा- रोहन पारेख खुद धोखाधड़ी का शिकार हुआ
वहीं, कोर्ट में रोहन पारेख के वकील ने अलग पक्ष रखा। वकील के मुताबिक, रोहन ने लंदन में पढ़ाई की है और वह जियोपॉलिटिक्स तथा डिफेंस पॉलिसी से जुड़े विषयों पर काम कर रहा था।
वकील का दावा है कि रोहन को किसी व्यक्ति ने PMO में काम दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद उसे एक आईडी और प्रधानमंत्री के कथित हस्ताक्षर वाला प्रशंसा पत्र भी दिया गया। वकील के अनुसार, रोहन खुद इस फर्जीवाड़े का शिकार हुआ है और उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि दस्तावेज फर्जी हैं।
रोहन पारेख ने कार्यक्रम से संबंध से किया इनकार
रोहन के वकील ने यह भी दावा किया कि रोहन का प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था। उनके मुताबिक, रोहन वहां सिर्फ परफ्यूम खरीदने गया था।
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फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। मामले में पुलिस और आरोपी पक्ष की ओर से सामने आए दावों की जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।