इस बीच आकाश आनंद ने अपने X अकाउंट का बायो भी बदल लिया है। उन्होंने अब खुद को ‘बसपा समर्थक’ बताया है। इससे पहले उनके बायो में ‘बसपा वर्कर’ लिखा था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) में संगठनात्मक बदलाव का दौर जारी है। पार्टी अध्यक्ष मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्हें बसपा का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया है। ईशान आनंद को करीब 15 राज्यों में पार्टी के कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मायावती के इस फैसले के बाद उनके बड़े भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। आकाश आनंद से हाल ही में चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद वापस लिया गया था। अब संगठन में ईशान आनंद को आगे बढ़ाए जाने को बसपा के भीतर हुए एक अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
ईशान आनंद को मिली 15 राज्यों की जिम्मेदारी
ईशान आनंद अब करीब 15 राज्यों में बसपा की संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के कामकाज की समीक्षा करेंगे। उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
वह इन राज्यों में संगठन से जुड़े कामकाज पर नजर रखेंगे और इसकी जानकारी अपने पिता तथा बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को देंगे।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और बसपा भी अपनी तैयारियों में जुटी हुई है।
आकाश आनंद से फिर छीना गया पद
आकाश आनंद को इससे पहले मार्च में बसपा से निष्कासित किया गया था। करीब एक महीने बाद उनकी पार्टी में वापसी हुई। इसके बाद मई में मायावती ने उन्हें चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी थी।
हालांकि, पिछले हफ्ते मायावती ने आकाश आनंद से यह पद वापस ले लिया। उन्हें राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बताते हुए यह फैसला किया गया था।
यह भी पढ़ें: पंजाब कैबिनेट की आपात बैठक आज, जस्टिस अश्वनी मिश्रा की हाईकोर्ट चीफ जस्टिस पद पर नियुक्ति पर होगी चर्चा
अब ईशान आनंद को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने के बाद पार्टी में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
आकाश आनंद ने सोशल मीडिया बायो बदला
मायावती के फैसले के बाद आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर अपना बायो भी बदला है। उन्होंने पहले खुद को ‘बसपा वर्कर’ बताया था, जबकि अब उन्होंने अपने बायो में खुद को ‘बसपा सपोर्टर’ बताया है।
आकाश आनंद ने महज तीन दिनों के भीतर दूसरी बार अपना बायो बदला। हालांकि, मायावती की ओर से अभी आकाश आनंद को दोबारा बसपा से निष्कासित किए जाने का कोई ऐलान नहीं किया गया है।
अशोक सिद्धार्थ भी पार्टी से बाहर
आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ भी बसपा से बाहर किए जा चुके हैं। स्रोत के अनुसार, उन्हें करीब एक महीने पहले दोबारा पार्टी से निष्कासित किया गया था।
मायावती ने यह भी कहा है कि अशोक सिद्धार्थ के लिए बसपा के दरवाजे पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
बसपा में बदलाव से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
ईशान आनंद को 15 राज्यों की जिम्मेदारी और आकाश आनंद से महत्वपूर्ण पद वापस लिए जाने के बाद बसपा की संगठनात्मक रणनीति को लेकर चर्चा बढ़ गई है। फिलहाल आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उनकी बदली हुई भूमिका और ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी ने पार्टी के भीतर चल रहे बदलावों को फिर सुर्खियों में ला दिया है।