रांची: झारखंड की सियासत में शनिवार देर रात एक बेहद दुखद घटना सामने आई। हेमंत सोरेन सरकार में वरिष्ठ मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख नेताओं में शामिल सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। गिरिडीह स्थित उनके आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक आया था।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के साथ ही झारखंड की राजनीति में एक बेहद दुखद संयोग सामने आया है। पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों में हेमंत सरकार में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले तीन मंत्रियों का असमय निधन हो चुका है। सुदिव्य सोनू से पहले जगरनाथ महतो और रामदास सोरेन भी दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।
सुदिव्य कुमार सोनू का कैसे हुआ निधन?
सुदिव्य कुमार सोनू का निधन शनिवार देर रात गिरिडीह में हुआ। परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, वह हरसिंगरायडीह स्थित अपने घर पर सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की।
तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार के लोग उन्हें तत्काल गिरिडीह के मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बताया जा रहा है कि सुदिव्य कुमार सोनू को हार्ट अटैक आया था।
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उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी उनके निधन पर दुख जताया जा रहा है।
साढ़े 3 साल में झारखंड ने खोए 3 शिक्षा मंत्री
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के साथ ही हेमंत सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों की असमय मौत हो चुकी है। यह सिलसिला जगरनाथ महतो से शुरू हुआ और इसके बाद रामदास सोरेन का निधन हुआ। अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन ने इस दुखद क्रम को और गहरा कर दिया है।
1. जगरनाथ महतो
डुमरी विधानसभा सीट से लगातार चार बार विधायक रहे जगरनाथ महतो हेमंत सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री थे। कोरोना संक्रमण के बाद उनके फेफड़ों में गंभीर समस्या पैदा हो गई थी।
इलाज के लिए उन्हें चेन्नई ले जाया गया, जहां उनका लंग ट्रांसप्लांट हुआ। लंबे समय तक इलाज चलने के बाद 6 अप्रैल 2023 को उनका निधन हो गया।
जगरनाथ महतो झारखंड की राजनीति में ‘टाइगर’ के नाम से लोकप्रिय थे और JMM के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती थी।
2. रामदास सोरेन
इसके बाद हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 2024 में दोबारा सरकार बनने पर घाटशिला से विधायक और JMM के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
लेकिन 15 अगस्त 2025 को उनका भी आकस्मिक निधन हो गया। स्वतंत्रता दिवस के दिन उनके निधन की खबर से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर फैल गई थी।
3. सुदिव्य कुमार सोनू
अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के साथ ही शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले तीसरे मंत्री का निधन हुआ है। सुदिव्य कुमार सोनू के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा उनके पास पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य और नगर विकास एवं आवास जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी थे। उनके निधन से JMM समेत झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका लगा है।
सुदिव्य सोनू के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। मंत्री के तौर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
उनके अचानक निधन ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को स्तब्ध कर दिया है। झारखंड की राजनीति में उनके निधन को एक बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है।
तीन मंत्रियों का असमय निधन बना चर्चा का विषय
हेमंत सरकार के पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले तीन मंत्रियों का निधन राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
पहले जगरनाथ महतो, फिर रामदास सोरेन और अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन ने सरकार और JMM के लिए लगातार तीन बड़े झटके दिए हैं।
सुदिव्य सोनू के निधन के बाद अब शिक्षा विभाग समेत उनके पास मौजूद अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, इस पर भी आने वाले दिनों में नजर रहेगी।